SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 529
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ४०४ ] छक्खंडागमे खुद्दाबंधा [ २, ५, ११९ विभंगणाणी दव्वपमाणेण केवडिया ? ॥ ११९ ॥ देवेहि सादिरेयं ॥ १२० ॥ विभंगज्ञानी द्रव्यप्रमाणसे कितने हैं ? ॥ ११९ ॥ विभंगज्ञानी द्रव्यप्रमाणकी अपेक्षा देवोंसे कुछ अधिक हैं ।। १२० ॥ आभिणिबोहिय-सुद-ओधिणाणी दव्वपमाणेण केवडिया ? ॥ १२१ ॥ आभिनिबोधिकज्ञानी, श्रुतज्ञानी और अवधिज्ञानी द्रव्यप्रमाणसे कितने हैं ? ॥ १२१ ॥ पलिदोवमस्स असंखेजदिभागो ॥१२२ ॥ उक्त तीन ज्ञानवाले जीव द्रव्यप्रमाणसे पल्योपमके असंख्यातवें भाग प्रमाण हैं ॥१२२॥ एदेहि पलिदोवममवहिरदि अंतोमुहुत्तेण ।। १२३ ॥ उक्त तीन ज्ञानवाले जीवों द्वारा अन्तर्मुहूर्तसे पल्योपम अपहृत होता है ॥ १२३ ॥ मणपज्जवणाणी दव्वपमाणेण केवडिया ? ॥ १२४ ॥ संखेज्जा ॥ १२५ ॥ मनःपर्ययज्ञानी द्रव्यप्रमाणसे कितने हैं ? ॥ १२४ ॥ संख्यात हैं ।। १२५ ।। केवलणाणी दव्वपमाणेण केवडिया ? ॥ १२६ ॥ अणंता ॥ १२७ ॥ केवलज्ञानी द्रव्यप्रमाणसे कितने हैं ? ॥ १२६ ॥ अनन्त हैं ॥ १२७ ॥ संजमाणुवादेण संजदा सामाइयच्छेदोवट्ठावणसुद्धिसंजदा दव्वपमाणेण केवडिया?॥ संयममार्गणाके अनुसार संयत और सामायिक छेदोपस्थापना शुद्धिसंयत द्रव्यप्रमाणसे कितने हैं ? ।। १२८॥ कोडिपुधत्तं ॥ १२९ ॥ संयत और सामायिक छेदोपस्थापनाशुद्धिसंयत द्रव्यप्रमाणसे कोटिपृथक्त्व प्रमाण हैं ।। परिहारसुद्धिसंजदा दव्वपमाणेण केवडिया ? ॥१३०॥ सहस्सपुधत्तं ॥१३१॥ परिहारशुद्धिसंयत द्रव्यप्रमाणसे कितने हैं ? ॥ १३० ॥ परिहारशुद्धिसंयत द्रव्यप्रमाणसे सहस्रपृथक्त्व प्रमाण हैं ॥ १३१ ॥ सुहुमसांपराइयसुद्धिसंजदा दव्वपमाणेण केवडिया ? ॥१३२ ॥ सदपुधत्तं ॥ सूक्ष्मसाम्परायिक-शुद्धिसंयत द्रव्यप्रमाणसे कितने हैं ? ॥ १३२ ॥ सूक्ष्मसाम्परायिकशुद्धिसंयत द्रव्यप्रमाणसे शतपृथक्त्व प्रमाण हैं ॥ १३३ ॥ जहाक्खादविहार-सुद्धिसंजदा दव्यपमाणेण केवडिया? ॥१३४॥ सदसहस्सपुधत्तं ।। यथाख्यात-विहार-शुद्धिसंयत द्रव्यप्रमाणसे कितने हैं ? ॥ १३४ ॥ यथाख्यात-विहारशुद्धिसंयत द्रव्यप्रमाणसे शतसहस्रपृथक्त्व प्रमाण हैं ॥ १३५ ॥ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.600006
Book TitleShatkhandagam
Original Sutra AuthorPushpadant, Bhutbali
Author
PublisherWalchand Devchand Shah Faltan
Publication Year1965
Total Pages966
LanguageSanskrit, Hindi
ClassificationManuscript
File Size20 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy