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२५० ] छक्खंडागमे जीवट्ठाणं
[१, ८, २७२ परिहारशुद्धिसंयतोंमें प्रमत्तसंयत और अप्रमत्तसंयत गुणस्थानवर्ती क्षायिकसम्यग्दृष्टियोंसे । वेदकसम्यग्दृष्टि जीव संख्यातगुणित हैं ॥२७१ ॥
सुहुमसांपराइय-सुद्धिसंजदेसु सुहुमसांपराइयउवसमा थोवा ॥ २७२ ॥ सूक्ष्मसाम्परायिक-शुद्धिसंयतोंमें सूक्ष्मसाम्परायिक उपशामक जीव अल्प हैं ॥ २७२ ॥ खवा संखेज्जगुणा ।। २७३ ॥ सूक्ष्मसाम्परायिक-शुद्धिसंयतोंमें उपशामकोंसे क्षपक जीव संख्यातगुणित हैं ॥ २७३ ॥ जथाक्खादविहारसुद्धिसंजदेसु अकसाइभंगो ॥ २७४ ॥ यथाख्यात-विहार-शुद्धिसंयतोंमें अल्पबहुत्वकी प्ररूपणा अकषायी जीवोंके समान है ॥ संजदासंजदेसु अप्पाबहुअं णत्थि ॥ २७५ ॥ संयतासंयत जीवोंमें अल्पबहुत्व नहीं है ॥ २७५ ॥ संजदासंजदट्ठाणे सव्वत्थोवा खइयसम्मादिट्टी ॥२७६ ॥ संयतासंयत गुणस्थानमें क्षायिकसम्यग्दृष्टि जीव सबसे कम हैं ॥ २७६ ॥ उवसमसम्मादिट्ठी असंखेज्जगुणा ।। २७७ ॥ संयतासंयत गुणस्थानमें क्षायिकसम्यग्दृष्टियोंसे उपशमसम्यग्दृष्टि जीव असंख्यातगुणित हैं । वेदगसम्मादिट्ठी असंखेज्जगुणा ॥ २७८ ॥ संयतासंयत गुणस्थानमें उपशमसम्यग्दृष्टियोंसे वेदकसम्यग्दृष्टि असंख्यातगुणित हैं ॥२७८॥ असंजदेसु सव्वत्थोवा सासणसम्मादिट्ठी ॥ २७९ ॥ असंयतोंमें सासादनसम्यग्दृष्टि जीव सबसे कम हैं ॥ २७९ ॥ सम्मामिच्छादिट्ठी संखेज्जगुणा ॥ २८० ॥ असंयतोंमें सासादनसम्यग्दृष्टियोंसे सम्यग्मिथ्यादृष्टि जीव संख्यातगुणित हैं ॥ २८० ॥ असंजदसम्मादिट्ठी असंखेज्जगुणा ।। २८१ ॥ असंयतोंमें सम्यग्मिथ्यादृष्टियोंसे असंयतसम्यग्दृष्टि जीव असख्यातगुणित हैं ॥ २८१ ॥ मिच्छादिट्टी अणंतगुणा ॥ २८२ ॥ असंयतोंमें असंयतसम्यग्दृष्टियोंसे मिथ्यादृष्टि जीव अनन्तगुणित हैं ॥ २८२ ॥ असंजदसम्मादिट्टिाणे सव्वत्थोवा उवसमसम्मादिट्ठी ॥ २८३ ॥ असंयतोंमें असंयतसम्यग्दृष्टि गुणस्थानमें उपशमसम्यग्दृष्टि जीव सबसे कम हैं ॥ २८३ ॥ खइयसम्मादिट्ठी असंखेज्जगुणा ॥ २८४ ॥ असंयतोंमें असंयतसम्यग्दृष्टिगुणस्थानवर्ती उपशमसम्यग्दृष्टियोंसे क्षायिकसम्यग्दृष्टि जीव
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