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अनेकान्त/54/3-4
सन्दर्भ 1. कसाय पाहुड भाग-1 पृष्ठ 3 मंगलाचरण गाथा 5. 2. अंताइ-मज्झरहिया जाइ-जरा-मरणणंत पोरड्ढा। संसारलया तमहं जेणच्छिण्णा जिणं वंदे।। जयधावला भाग 3 पृ.1
अध्यक्ष, जैन दर्शन विभाग
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी 3. वहीं : भाग 12, पृ. 192. निवास-अनेकान्त भवनम् बी-23/45पी-6, शारदानगर कालोनी नवाबगंज मार्ग, वाराणसी-221010