________________
अनेकान्त/18 5. वही, 6. वही, गाथा-4 7. नियमसार-120 8. समयसार, गाथा-16 से 18 तक 9. अत्तागमतच्चाण सद्दहणादो हवेइ सम्मत्त । नियमसार-5 10. हिंसारहिए धम्मे अट्ठारहदोसवज्जिए देवे।
निग्गंथे पावयणे सद्दहण हवेइ सम्मत्त ।। मोक्षप्राभृत-90 11. दर्शनप्राभृत-20 12. नियमसार, गाथा-6, 7 13. वही, गाथा-8 14 वही, गाथा-34 एव 36 15. दर्शन प्राभृत-19 16. नियमसार, गाथा-51, 52 17. ससय विमोहविभमविवज्जियं होदि सण्णाण | नियमसार-51 18 नियमसार, गाथा-39, 42, 45, 49, 50 19. वही, गाथा, 43, 44, 46, 50 20. वही, गाथा 10, 11, 12 21 वही, गाथा 56 से 75 22. वही, गाथा 77 से 82 23. वही, गाथा 141 से 147 24. वही, गाथा 83 से 89 25 वही, गाथा 95 एवं 105, 106 26. वही, गाथा 107 27. वही, गाथा 113 114 एव 117 28. वही, गाथा 122, 123 एव 126, 133 29 वही, गाथा 134 से 140 30 वही, गाथा 179 से 182