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________________ ४६. ज्ञानार्णव (नित्यातंत्र ) ४७. विश्वलोमचकोश मुक्तावली, श्रीधरसेन ४८. ज्योतिष सारोहार, हर्षकीति ४९. तत्वाचिगम मोक्षसूत्रम् ५०. तत्वार्थागम सूत्र टिप्पणक: प्रभाकर ५१. तीर्थंकर चरित्रम् ५२. कर्म ग्रन्थ : कुन्दकुन्दाचार्य ५३. देवागमस्तोत्रवृत्ति, वसुनन्दाचार्य ५४. देशी नाम महन्त कोश ५५. धर्म रसायन सूत्रम् ५६. धर्मशर्माभ्युदय-काव्यम् ५७. धर्मोपदेश माला पद्मनन्दि ५८. धातु पाठ: (सारस्वत व्याकरण) ५९. धातु-पाठ: (हेमचन्द्र ) ६०. नमस्कार महात्म्यम् ६१. नमस्कार स्तोत्रादया: ६२. नवतत्व प्रकरणम् ६३. पचाक्षर महामंत्र ६४. पद्मपुराणम् ६५. पद्मावती स्तोत्रम् ६६. पानाथ स्तोष म् ६७. प्रतिक्रमण सूत्रम् ६५. प्रत्याख्यान विवरणम् ६६. प्रव्रज्या विधि: ७०. मक्तामर स्तोत्रम्, मानतुंगाचार्य ७१. भक्तामर स्तोत्रम् सटीका ७२. भक्तामर स्तोत्रम् समाध्यम् ७३. भक्तामर स्तोत्रम् भाषार्थ सहितम् ७४. भुवन दीपकम् पद्मप्रभरि ७५. भुवन दीपकम् वृत्ति, सितिलक सूरि ७६. भूपाल चतुविशतिका ७७. भूपाल जिन स्तोत्रम् ७८. महावीर स्वामी स्तोत्रम् मपुर दोबीसाने का संस्कृत ७६. मृत्यु महोत्सव स्तोत्रम् ८०. योग चिन्तामणि (धायुर्वेद) ८१. रामचन्द्र स्तोत्रम् साहित्य ८२. विवेक विलास, जिनदतमूरि ८३. विषापहार स्तोत्रम् ८४ विहार नोम् समाध्यम ८५. विहरमान स्तोत्रम् ८६. वीतराग स्तोत्रम् ८७. शान्तिनाय परिश्रम् सकलकोति ८८. शांतिनाथ स्तोत्रम् ८६. श्रावकाचार, सकलकीर्ति १०. षट्पद-काव्य वृति, जिनप्रभसूरि ११. पाहुन्य कुन्दकुन्दाचार्य २. पदर्शनसमुचय हरिभद्र ६३. सज्जन- चित्त बल्लम-स्तोत्रम् , १४. साधु-ग्रहणी प्रकरणम् १५. मामधिकाप्रकरणम् २६. सारस्वत चन्द्रिका चन्द्रकीतिरि २५ ६७ सारस्वत व्याकरणम् ८. सिन्दूरप्रकरस्तव सटीकम्, सोमप्रभाचाय ६१. सुप्रभात स्तोत्रम् १००. सूक्तिमकाल सोमप्रभाचार्य १०१. सोमनाथ स्तोत्रम् १०२. स्नान विधि (जंगपुराण) उक्त संग्रह मे जैन व्याकरण, स्तात्र एवं सुभाषित ग्रन्थो का संकलन अधिक है । O चतुर्थ विश्व पुस्तक मेले में वीर सेवा मन्दिर के प्रकाशनों की प्रदर्शनी वीर सेवा मन्दिर ने नई दिल्ली में २६ फरवरी, १९८० मे ११ मार्च, १९८० तक हुए चतुर्थ विश्व मेले में जैन तत्वज्ञान विषयक अपने प्रकाशनों का स्टाक लगाया था जो जैन धर्म विषयक पुस्तकों का एक मात्र स्टाक था । पुस्तकों को पर्याप्त विक्री हुई एवं इस कार्य की सर्वत्र सराहना की गयी।
SR No.538033
Book TitleAnekant 1980 Book 33 Ank 01 to 04
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGokulprasad Jain
PublisherVeer Seva Mandir Trust
Publication Year1980
Total Pages258
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Anekant, & India
File Size14 MB
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