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उत्तरी अक्षांस एवं 78°18' पूर्वी देशान्तर पर अवस्थित है। गांव में तालाब के किनारे 12वीं शती ईस्वी की पद्मासन में तीर्थंकर प्रतिमा (38x37x13 सें.मी.) तीर्थंकर पद्मासन की ध्यानस्थ मुद्रा में अंकित है। पार्श्व में दोनों ओर कायोत्सर्ग मुद्रा में जिन प्रतिमा हैं पादपीठ पर विपरीत दिशा में मुख किये सिंह का अंकन है।
मडखेड़ा टप्पा - मडखेडा टप्पा बेगमगंज तहसील में सुनहरा के पास स्थित है। यह 23°30' उत्तरी अक्षांस एवं 78°24' पूर्वी देशान्तर पर अवस्थित है। गांव में परमार कालीन तीर्थंकर प्रतिमा है।
आंकलपुर - आंकलपुर गोहरगंज तहसील में होशंगाबाद-भोपाल पर औबेदुल्लागंज से 7 कि.मी. पूर्व में संडक के किनारे बसा है। गांव में स्थित प्राथमिक पाठशाला के समीप पेड़ के नीचे यक्षी पद्मावती प्रतिमा (75x50x18 सें.मी.) लगभग 16वीं शती ईस्वी की बलुआ पत्थर पर निर्मित है। स्थानक मुद्रा में चतुर्हस्था देवी के हाथों के आयुघ क्रमशः तलवार, ढाल एवं दो हाथ भग्न है । जटा मुकुट के ऊपर सर्पफण भग्न रूप से दर्शित हैं । यद्यपि देवी सर्वाभूषण से शोभित रही है। इस देवी प्रतिमा के आयुघ प्रतिमा शास्त्रीय ग्रंथों में दिये लक्षणों से साम्य नहीं रखते हैं, तथापि सिर पर फणों का छत्र पार्श्वनाथ की पक्षी पद्मावती होना इंगित करता है।
जामगढ़ - जामगढ़ बरेली तहसील में बरेली से 15 कि.मी. उत्तर में स्थित है। यह 23°07' उत्तरी अक्षांस एवं 78°20' पूर्वी देशान्तर पर अवस्थित है। यहां पर 12वीं 13वीं शती ईस्वी का जैन मंदिर स्थित है। यहां मात्र एक जैन मंदिर है, जो मुस्लिम काल में भी अस्तित्व में बना रहा।
__ अमरावद - अमरावद गोहरगंज तहसील में रायसेन से 30 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। यह 23°18' उत्तरी अक्षांस एवं 77°58' पूर्वी देशान्तर पर अवस्थित है। यहां से प्राप्त तीर्थंकर आदिनाथ प्रतिमा (71x63x18 सें.मी.) नेमिनाथ प्रतिमा (71x53x27 सें.मी.) तीर्थंकर प्रतिमा (70x70x38 सें.मी.) गोमंद अम्बिका (62x48x18 सें.मी.) आदि जिला संग्रहालय विदिशा में सुरक्षित हैं।
सरई - सरई गोहरगंज तहसील में औबेदुल्लागंज गोहरगंज मार्ग में औबेदुल्लागंज से लगभग 5 कि.मी. दूरी पर तामोट से 2 कि.मी. पूर्व में स्थित है। यह 22°15' उत्तरी अक्षांस 77°38' पूर्वी देशान्तर पर अवस्थित है। गांव के बाह्य भाग में पहाड़ की तलहटी में एक स्थान पर लगभग 12वीं शती ईस्वी की यज्ञी अम्बिका (80x40x25 सें.मी.) सफेद बलुआ पत्थर से निर्मित यह प्रतिमा कायोत्सर्ग मद्रा में है। यह जैन तीर्थकर नेमिनाथ की शासन यज्ञी अम्बिका की प्रतिमा है। आम्र वृक्ष की शाखा के नीचे जटा मुकुट, चक्र, कुण्डल एवं आभूषणों से शोभित देवी बांये हाथ में एक शिशु एवं दांयी ओर गोद में अन्य शिशु को लिये है। ये उनके दोनों शिशु प्रियंकर एवं शुभंकर का अंकन है। प्रतिमा आशिंक भग्न
पाटन - पाटन गैरतगंज तहसील में हरदोर से 2 कि.मी. पश्चिम में स्थित है। यह 23°31' उत्तरी अक्षांस एवं 78°15' पूर्वी देशान्तर पर अवस्थित है। गांव में पीपल के पेड़ के नीचे यक्षी अम्बिका की प्रतिमा रखी है। अम्बिका प्रतिमा (73x45x15 सें.मी.) द्विभुजी देवी के दाहिने हाथ में आम्र गुच्छ, बांये हाथ में बालक को पकड़े हुए है। नीचे सिंह एवं दोनों ओर एक-एक पुरुष प्रतिमा रखी है। प्रभामण्डल के दोनों ओर जिन पद्मासन में बैठे है। बलुआ पत्थर पर निर्मित प्रतिमा 12वीं शती ईस्वी की है। यहां से तीर्थंकर प्रतिमा (36x25x12 सें.मी.) तीर्थंकर शांतिनाथ (52x25x24 सें.मी.) तीर्थंकर मस्तक (34x30x15 सें.मी.) तीर्थंकर प्रतिमा (24x22x21 सें.मी.) तीर्थंकर प्रतिमा सिर विहीन (29x28x15 सें.मी.) तीर्थकर कायोत्सर्ग प्रतिमा (64x26x20 सें.मी.) है।
इकलावान - इकलावान मोहरगंज तहसील में औबेदुल्लागंज से 3 कि.मी. पूर्व में सड़क से लगभग 3 कि.मी. दक्षिण दिशा में स्थित है। यह 22°58' उत्तरी अक्षांस एवं 77°37' पूर्वी देशान्तर पर
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अर्हत् वचन, 23 (1-2), 2011