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यह 22°58 ́ उत्तरी अक्षांस एवं 78°06' पूर्वी देशान्तर पर अवस्थित है। गांव में छोटे भैय्या के घर से खुदाई में चार मस्तक रहित तीर्थंकर प्रतिमायें मिली हैं, जो पद्मासन मुद्रा में हैं। पादपीठ पर अभिलेख उत्कीर्ण हैं । ये प्रतिमायें क्रमशः पद्मासन तीर्थंकर (60x52x32 सें.मी.) पद्मासन तीर्थंकर (56x35x38 सें.मी.) पद्मासन तीर्थकर (62x58x34 सें.मी.) एवं मस्तक रहित तीर्थकर प्रतिमा है। प्रतिमा लगभग 7वीं शती ईस्वी की है। पण्डा बाबा के चबूतरे पर तीर्थंकर प्रतिमाओं युक्त स्तम्भ (180x45x45 सें.मी.) 12वीं शती ईस्वी का है। गांव में दुर्गा माता के चबूतरे पर बलुआ पत्थर पर निर्मित प्रतिमाएं जिनमें लगभग 12वीं शती ईस्वी की प्रतिमा तीर्थंकर का ऊपरी भाग तथा दरयावसिंह ठाकुर की बाखल से लगभग 12वीं शती ईस्वी की बलुआ पत्थर पर निर्मित जैन मंदिर की द्वारशाखा ( 110x35 सें.मी.) ललाट बिम्ब पर तीर्थंकर पद्मासन में बैठे हैं, रखा है।
खुकरिया खुकरिया गौहरगंज तहसील में खुकरिया उमरावगंज से 4 कि.मी. दूरी पर पूर्व में स्थित है। यह 23°11′ उत्तरी अक्षांस एवं 77°38' पूर्वी देशांतर पर अवस्थित है। गांव के बाहर मंदिर के समीप एक पेड़ के नीचे एक तीर्थंकर की यह प्रतिमा मध्यकालीन प्रतीत होती है।
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टिगरिया - टिगरिया गौहरगंज तहसील में औबेदुल्लागंज से दक्षिण पश्चिम दिशा में कच्चे मार्ग पर 3 कि.मी. दूरी पर एवं छोटी पहाड़ी पर बसा है, यह 22°57' उत्तरी अक्षांस एवं 77°35′ पूर्वी देशांतर पर अवस्थित है । इस गांव के दक्षिण-पूर्वी ओर वान्दरावान नामक स्थान पर प्राचीन मंदिर के गर्भगृह के सामने रखी तीर्थंकर महावीर (50x45x11 सें.मी.) प्रतिमा हल्के पीले बलुआ पत्थर पर निर्मित है। देव पद्मासन में है। इसका अग्रभाग आंशिक भग्न है। देव के दोनों ओर चांवर धारिणी नीचे पीठिका पर मध्य में धर्मचक्र जिसके दोनों ओर यक्ष मातंग एवं दांयी ओर देवी यक्षी सिद्धायिका का अंकन है। खरगोन - खरगोन बरेली तहसील में बरेली से 17 कि.मी. दूरी पर स्थित है। यह 23°06' उत्तरी अक्षांस एवं 78°19' पूर्वी देशान्तर पर अवस्थित है। गांव में एक मढ़िया में लगभग 10वीं 11वीं शती ईस्वी की बलुआ पत्थर पर निर्मित प्रतिमा रखी है, जिसमें पद्मासन तीर्थंकर प्रतिमा (77x73x20 सें.मी.) तीर्थंकर के पार्श्व में चामरधारिणी, प्रभामण्डल से अलंकृत है। गांव में अमली के पेड़ से नीचे लगभग 11वीं 12वीं शती ईस्वी की बलुआ पत्थर पर निर्मित पद्मासन में बैठी तीर्थंकर प्रतिमा (210x107x38 सें.मी.) आदिनाथ की है। सिर के पीछे अलंकृत प्रभामण्डल, लंबे कर्णचाप कंधे तक फैले हुए है। पादपीठ पर विपरीत दिशा में मुख किये सिंह प्रतिमा अंकित है। वितान में मालाधारी विद्याधर, त्रिछत्र अंकित है। नदी के किनारे पद्मासन में तीर्थंकर ( 30x24x13 सें.मी.) शंकरजी के स्थान पर पेड़ के नीचे तीर्थंकर प्रतिमा (58x56x 19 सें.मी.) प्राचीन टीलों के निकट ग्वाल बाबा के नाम से ज्ञात स्थल पर तीर्थंकर के ऊपर का भाग छत्र सहित (75x37x20 सें.मी.) पद्मासन में बैठे तीर्थंकर के ऊपरी भाग में प्रभामण्डल, दोनों विद्याधर युगल का अंकन है ।
चान्दना - चान्दना रायसेन तहसील में है। यह हिम्मतगढ़ के पास स्थित है। यह 23°25' उत्तरी अक्षांस एवं 77°04' पूर्वी देशांतर पर अवस्थित है। यहां से तीर्थकर प्रतिमा मिली है, जो पद्मासन में बैठी तीर्थकर प्रतिमा है, जो परमार कालीन है ।
राजगढ़ रामगढ़ सिलवानी तहसील में बम्होरी से 3 कि.मी. उत्तर की ओर स्थित है। यह 23°13′ उत्तरी अक्षांस 78°12' पूर्वी देशान्तर पर अवस्थित है। गांव के उत्तर की ओर पहाड़ी पर 11वीं 12वीं शती ईस्वी का लाल बलुआ पत्थर पर निर्मित स्तम्भ खण्ड (80x85x3 सें.मी.) में जैन तीर्थंकर के पैर का भाग एवं पादपीठ पर मानवाकार गरुड़ासीन जैन यक्षी चक्रेश्वरी का अंकन है । चक्रेश्वरी के मुख हाथ व पैर भग्न है ।
भोडिया - भोडिया बरेली तहसील में बरेली से 13 कि.मी. उत्तर पूर्व में स्थित है। यह 23°04'
अर्हत् वचन, 23 (1-2), 2011
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