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वक्ता
अध्यक्षता
संचालन
वक्ता
5. डॉ. सुशीला सालगिया, सहसंपादिका - सन्मतिवाणी, इंदौर 'शिक्षा के उन्नयन में जैनाचार्यों का योगदान'
6. श्री जितेन्द्र शर्मा, स. प्राध्यापक गणित,
टूबा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एण्ड टेक्नॉलॉजी, इंदौर
"A Comprative Study of Two Mathematical Texts of Karṇānuyoga Group"
7. श्री मनोज दुबे, प्राध्यापक -गणित, ओरियन्टल इंस्टीट्यूट, इंदौर गणितसार संग्रह में विद्यमान गणितीय मनोरंजन के तत्व
दिनांक 2.12.10 प्रातः 11.30 12.30 तृतीय तकनीकी सत्र (शोध पत्र वाचन) श्री सूरजमल बोबरा, निदेशक ज्ञानोदय फाउण्डेशन, इंदौर डॉ. अनुपम जैन, मानद सचिव - कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इंदौर 9. डॉ. रेखा जैन, शिक्षिका गुजराती स्कूल, इंदौर
"गणिनी ज्ञानमती माताजी का भाव वैभव'
8. श्रीमती समता जैन, स. प्राध्यापक - हिन्दी, श्री जैन दिवाकर महाविद्यालय, इंदौर 'मानवीय मूल्यों की संवाहिका गणिनी ज्ञानमती'
10. डॉ. मनीषा जैन, इंदौर
"जैन एवं जैनेतर दर्शन के परिप्रेक्ष्य में जैन धर्म की मानवीय प्रकृति' 11. डॉ. सुरेखा मिश्रा, पुस्तकालयाध्यक्ष- कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इन्दौर 'पाण्डुलिपियाँ : भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि'
12. डॉ. (श्रीमती) सरोज जैन, अध्यक्ष प्राकृत विभाग,
राष्ट्रीय प्राकृत अध्ययन एवं संशोधन केन्द्र, श्रवणबेलगोला, 'जैन साहित्य में मानव मूल्य'
निम्नांकित 2 आलेख, संबद्ध विद्वानों के समय पर उपस्थित न हो पाने के कारण पढ़े स्वीकार
किये गये ।
अध्यक्षता
संचालन
13. डॉ. संध्या जैन, स. प्राध्यापिका हिन्दी, क्लॉथ मार्केट कन्या महाविद्यालय, इन्दौर
'मानवीय विकृतियाँ एवं जैन धर्म'
14. कु. रजनी जैन, शोध छात्रा - कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इन्दौर
'जैन पाण्डुलिपियों में परिलक्षित जैनाचार्यों का मानवीय दृष्टिकोण'
दि. 2. 12. 10 अपरान्ह 3.00 4.00, समापन सत्र
प्रो. नवीन सी. जैन, पूर्व निदेशक डॉ. प्रकाश चन्द जैन, सदस्य
कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इन्दौर निदेशक मण्डल, इन्दौर अत्यन्त सफल निरूपित किया।
संगोष्ठी की आख्या की प्रस्तुति के साथ ही प्रतिभागियों ने संगोष्ठी को प्रो. नेथन केट्ज के आगमन से ज्ञानपीठ का स्वरूप अन्तर्राष्ट्रीय बन गया है। इस संगोष्ठी के मध्य आयोजित पांडुलिपि प्रदर्शनी, पुरस्कार समर्पण समारोह एवं 2 आमंत्रित व्याख्यानों की आख्या अग्रांकित है।
अर्हत् वचन, 23 (1-2), 2011
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