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जैनविद्या 20-21
37. तत्त्वार्थवार्तिक 8.1.12-14
38. वही, 8.1.15-27
39. अन्ये अन्यथालक्षणं मोक्षं परिकल्पयन्ति - रुपवेदना संज्ञा संस्कार विज्ञान पंचस्कन्धनिरोधादभावो
मोक्षः इति । त. वार्तिक 1.1, पृष्ठ 2
40.
'अविद्याप्रत्ययाः संस्कारा:' इत्यादिवचनं केषान्चित् । वही, 1.1.46
41. तत्त्वार्थवार्तिक 1.1.52
42. केचित्तावदाहु: अनन्त लोकधातवः, वही, 5.9.4
43. वही, 5.17.24
44. वही, 5.17.34
45. वही, 5.17.41
-
46. वही, 5.18.11
47. वही, 5.19.32
48. वही, 5.22.15
49. वही, 6.10.11
50. वही, 7.22.10
51. वही, 7.39.7-8
52. वही, 1.6.14
53. वही, 2.8.12
54. वही, 1.32.3
55. न्यायकुमुदचन्द्र: प्रस्तावना, पृष्ठ 44
56. तत्त्वार्थवार्तिक 8.1.8-12
57. वही, 8.1.13
58.
59. तत्त्वार्थवार्तिक 1.1.3
न्यायकुमुदचन्द्र: प्रस्तावना, पृष्ठ 44
60. वही, 1.1.21-22
61. वही, 1.1.25
62. वही, 1.1.27
63. वही, 1.1.34
64. वही, 1.1.35
65. वही, 1.8.7-8
66. वही, 1.22.1
67. वही, 2.23.4 68. वही, 2.47.1
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जैन मन्दिर पास बिजनौर