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माला, १९५७
१४. मत्स्यपुराण : डॉ. श्रद्धा शुक्ला, नाग पब्लिशर्स, दिल्ली, २००४ १५. मनुस्मृति : विष्णु वामन बापट, आर. टी. गोडबोले, पुणे, १९१८ १६. महापुराण : पुष्पदन्त, माणिकचन्द्र दिगम्बर जैन ग्रन्थमाला, हीरालाल जैन, पी. एल्. वैद्य, १९३७
१७. मार्कण्डेयपुराण : द्वैपायनव्यासप्रणीत, काशीनाथ वामन लेले, श्रीकृष्ण
अनुसन्धान ४५
मुद्रणालय
१८. मूलाचार : आ. वट्टेकर, सं. कैलाशचन्द्रशास्त्री, भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशन,
१९८४
१९. वायुपुराण : १ खण्ड, श्रीराम शर्मा आचार्य, संस्कृति संस्थान, बरेली,
१९६७
२०. विधिमार्गप्रपा : जिनप्रभसूरि, सं. जिनविजय मुनि, जव्हेरी मूलचन्द हीराचन्द भगत, मुम्बई, १९४१
२१. व्याख्याप्रज्ञप्ति (विवाहपण्णत्ति) (भगवई) : अंगसुत्ताणि २, जैन विश्वभारती, लाडनूं (राजस्थान), वि.सं. २०३१
२२. सूत्रकृतांग (सूयगड) : अंगसुताणि १, जैन विश्वभारती, लाडनूं (राजस्थान) वि.सं. २०३१
२३. स्मृतिचन्द्रिका : देवणभट्टविरचित, गव्हर्नमेण्ट ओरियण्टल लायब्ररी सिरीज, म्हैसूर, १९१८
२४. स्थानांग (ठाण) : अंगसुत्ताणि १, जैन विश्वभारती, लाडनूं (राजस्थान),
वि.सं. २०३१
परिशिष्ट
'पितर' संकल्पना की दृढमूलता तथा व्याप्ति दर्शाने हेतु निम्नलिखित तालिका प्रस्तुत की है ।
(अ) वेद :
१. ऋग्वेद : पितृसम्राट यम, पितरों के गण, पितृपूजा इ. (१०.१४; १०.१५;
१०.१६)
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