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सकलतो संचलिओ, सहपरिवारेण सारेण ॥। ५१७ निय - नयर - पियर - दंसण- उक्कंठिय-नियय - हियय - साणंदो । ललिअंग-नरवरिंदो, पत्तो सिरिवास - पुर- तीरं ।। ५१८ ।। युग्मम् ।।
पद्धडी
जव पत्त नयर - परिसरि नरेस ।
उल्लसिय चित्ति पुर- जण असेस । वद्धावर के वि नरराय - वीर
तसु दिइ कणय - केकाण चीर ।। ५१९ जिम सरइ सुरहि निय- वच्छ-नेह । पंथिय जिम पावस - समय गेह |
जिम सरइ भसल पच्चय (?) जाइ जिम सरइ डिंभ खुह - खिण माइ ॥ ५२०
जिम सरइ सरोवर राजहंस
जिम सरइ पुरिसवर निय सुवंस ।
कुलवंति जेम समरइ भतार जिम सरइ साहु संसार-पार ।। ५२१ जिम सरइ विंझ-वण वारणिंद जिम सरइ सुसायर पुण्ण- चंद |
जिम सरइ चक्क पच्चूस - काल जिम सरइ सुकोइल तरु रसाल ॥ ५२२ तिम समरिय नरवई पुत्त - -पेम जल - सिंचिय जल-नालेरि जेम ।
अविलंब अंब- पिय- पुज्ज-पाय लहु नमइ नेहि ललिअंग - राय ॥ ५२३ तव हरसिय निय-मणि जणणितास
चिर जीव पुत्त तउँ कोडि वास ।
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