________________ 206 डॉ. देवी प्रसाद मिश्र (धनिया) जीरक (जीरा). मुद्गमाषा (मूंग), ढकी (अरहर), राज (रोसा), माष (उड़द), निष्पावक (चना), कुलित्थ ( कुलथी ), त्रिपुर ( तेवरा ), कुसुम्भ, कपास, पुण्ड्र ( पौड़ो ), इक्षु (ईख), शाक आदि। इस समय के प्राप्त अभिलेखों में भी इस प्रकार के अनाज का उल्लेख यत्र-तत्र उपलब्ध होता है।' 20 डी०, बेली रोड, नया कटरा, इलाहाबाद-२११००२ 1. शिवनन्दन मिश्र--गुप्तकालीन अभिलेखों से ज्ञात तत्कालीन सामाजिक एवं आर्थिक दशा, लखनऊ, 1973, पृ० 84-85 / Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org