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________________ विषयानुक्रम कड़बक ३ ज्येष्ठा-वैराग्य, चलनी-णिक-विवाह तथा चन्दनाका मनोवेग विद्याधर द्वारा अपहरण व इरावती के तीरपर उसका त्याग । ४ चन्दनाका वनमें त्याग, भिल्लनी द्वारा रक्षण तथा कौशाम्बीके सेठ धनदत्तके घर आगमन । ५ सेठानी द्वारा विश चन्दनाका बन्धन, महाबोरको आहारदान व तपग्रहण । सन्धि -६ चिलातपुत्र-परोषह-सहन {७४-८३] १ दिलातपुत्र का जन्म । २ चिलातपुत्रको राज्य-प्राप्ति । ३ चिलातपुत्रका राज्यसे निष्कासन व वनवास तथा धेणिकका राज्याभिषेक । ४ चिलातपुत्र द्वारा कन्यापहरण, श्रेणिक द्वारा आक्रमण किये जानेपर कन्या-घात तथा भारगिरि पर मुनि-दर्शन । ५ मुनिका उपदेश पाकर चिलातपुत्रकी प्रवन्या, ज्यन्तरी द्वारा उपसर्ग तथा मरकर महमिन्द्रपद-प्राति । सन्धि -७ श्रेणिक-राज्यलाभ [८४-२१] १ जम्बूद्वीप, भरतक्षेत्र, मगरदेश, राजगृहपुर, राजा उपणिक, रानी सुप्रभा, पुत्र थेणिक । सीमान्तनरेश अभिधर्मके प्रेषित अश्व द्वारा राजाका अप• हण व वनमें किरातराजकी पुत्री तिलकावतीसे विवाह ।। २ किरात-कन्यासे चिलातपुत्रका जन्म । राजा द्वारा राजकुमारोंकी परीक्षा। ३ राजपुत्र श्रेणिक परीक्षामें सफल, किन्तु भ्रातृ-वैरको आशंकासे उसका निर्वासन । ४ चिलातपुत्रका राज्याभिषेक घ अन्यायके कारण मन्त्रियों द्वारा श्रेणिक का आनयन । ५ चिलातपुत्रका निर्वासन और श्रेणिकका राज्याभिषेक ।
SR No.090534
Book TitleVeerjinindachariu
Original Sutra AuthorPushpadant
AuthorHiralal Jain
PublisherBharatiya Gyanpith
Publication Year1974
Total Pages212
LanguageHindi, Apbhramsa
ClassificationBook_Devnagari & Story
File Size3 MB
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