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________________ पापा : ७१२-१३३ भरतियंग्लोकाधिकार जम्बूद्वीपस्थ . प्रमुख नदियों का चित्रण निम्नप्रकार है -- - - PHETMAL महामवन भी पर YE का काम कर नदियों के दोनों तटों पर वेदिया होती है। अतः नदी सम्बन्धी वेदियों का प्रमाण ( १७९२.९.४२ )- ३५८४१८. है। इस प्रकार जम्बूदीप स्थित ३११ पर्वतों की ३११ वेदिया, ६० कुण्डों की ६० वेदिया, २६ हों की २६ वेदिया और १७६२०६० नावियों की ३५८४१० वेदियाँ हैं, जिनका सम्पूर्ण योगफल ३५८४६० ( ३५८४१८०+१+१०+२६ ) होता है। ये सभी वेदियो भणिमय हैं। पथ भरतरावस्थविषयाकटान् तत्रस्यदेवांश्च गाथाचतुष्टयेनाह सिद्धं दक्षिणपद्धादिममरहं खंदयप्पवादमदो। तो पुण्णमद वेयड्डकमारं माणिभदक्वं ।। ७३२ ।। तामिस्सगुहगमुपरमारहकूडं च वेसवण चरिमं । सिद्धत्तरतामिस्सादिमाहगं च माणिमहमदो ॥७३३।।
SR No.090512
Book TitleTriloksar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Siddhant Chakravarti, Ratanchand Jain, Chetanprakash Patni
PublisherLadmal Jain
Publication Year
Total Pages829
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Geography
File Size19 MB
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