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________________ पृष्ठ ४५८ ४६३ ४६८ ४६८ ४७० ४७१ ४७१ विषय शानसाधन : नय नयस्वरूप सुनय एवं दुर्नय नय-भेद निश्चय और व्यवहारनय नयोंके अन्य भेद-प्रभेद आध्यात्मिक और मलनय १. नैगमनय २. संग्रह ३. व्यवहारनय ४. ऋजुसूत्रनय ५. शब्दनय ६. समभिरूदनय ७. एवं भूतनय स्याद्वाद सप्तभनी प्रमाणसप्तभङ्गी एवं नयसप्तभङ्गी सप्तमङ्गोंकी सिद्धि प्रथम-द्विताथ भंग-सिद्धि तृतीयभंग स्याद् अवक्तव्य-सिद्धि चतुर्थभंग-सिद्धि स्यादास्ति नास्ति पञ्चम भंग स्यादस्ति-अवक्तव्यसिद्धि षष्ठभंग स्याम्नास्ति-अवक्तव्यसिद्धि सप्तम भग स्यादास्तिनास्ति-अवक्तव्यसिद्धि निष्कर्ष अर्थनियामक निक्षेप नय और निक्षेप निक्षेपकी उपयोगिता निधोपके मेद १. नाम-निक्षेप २ स्थापना-निक्षेप नाम-निक्षेप और स्थापना-निक्षेपमे अन्तर ४७२ ४८० ४८० ४८१ ४८२ ४८२ ४८२ ४८३ ४८३ ४० : तोयंकर महावीर और उनको आवाय-परम्पर
SR No.090507
Book TitleTirthankar Mahavira aur Unki Acharya Parampara Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Shastri
PublisherShantisagar Chhani Granthamala
Publication Year
Total Pages654
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, History, & Biography
File Size14 MB
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