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________________ विषय नवम परिच्छेद वेशना : जानतत्त्व-मीमांसा ४१२ ४१६ ४१७ ४५८ ४ ज्ञानका स्वरूप और व्युत्पत्ति ज्ञानोत्पति : प्रक्रिया अतीन्द्रियज्ञानको क्षमता ज्ञान और शेयका सम्बन्ध तदाकारता, अर्थ और आलोक कारणत्वका विचार ज्ञान और अनुभूति इन्द्रियप्राप्तिका क्रम मन : स्वरूप एवं कार्य शरीर और मनका सम्बन्ध सन्निकर्षविचार चक्षुका प्राप्यकारित्व-विमर्श श्रोत्रका अप्राप्यकारित्व-विमर्श ज्ञानके भेद ज्ञान और प्रमाण-विमर्श प्रमाणस्वरूपका विकास प्रामाण्य-विचार प्रमाणके भेद प्रत्यक्ष-परोक्ष : सामान्य-निरूपण सव्यवहारिक प्रत्यक्ष औत्पत्तिक वेनयिक कामिक पारिणामिक मतिज्ञानके भेद-प्रभेद श्रुतज्ञान पारमार्थिक प्रत्यक्ष अवधिज्ञान अवधिज्ञानका विषय मनःपर्ययज्ञान ४२२ ४२६ ४२७ ४२९ ४२९ ४३० M १३३ ३८ : तीर्थंकर महावोर और उनको आचार्य परम्परा
SR No.090507
Book TitleTirthankar Mahavira aur Unki Acharya Parampara Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Shastri
PublisherShantisagar Chhani Granthamala
Publication Year
Total Pages654
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, History, & Biography
File Size14 MB
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