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________________ ३८१ ३८२ ३८३ ३८३ ३८४ ३८८ ३८९ ३९१ ३९१ विषय कर्मके मल भेद बन्धके भेद प्रकृतिबन्ध और प्रदेशबन्ध स्थिति और अनुभागबन्ध प्रकृतिबन्धके भेद और स्वरूप कर्मप्रकृसियोंके उत्तरभेद कर्मों की स्थिति अनुभागबन्ध कर्मफलदान्प्रक्रिया कमोक १० करण ।अवस्थाएँ) १. बन्ध २. उत्कर्षण ३. अपकर्षण ४. सत्ता ५. उदय ६. उदीरण ७. संक्रमण ८. उपशान्त ९. निधत्ति १०. निकाचना । पुनर्जन्म जन्म-भेद योनि और शरीर लोक-स्वरूप लोकके भेद अधोलोक : स्वरूप और विस्तार मध्यलोक : स्वरूप और विस्तार षटकालोंमें भोगभूमि और कर्मभूमि व्यवस्था ज्योतिषो देव , वर्णन उर्व लोक लोकस्थिति आध्यात्मिक दृष्टि : पदार्थ-विवेचन १९३ JAN AU . ३९५ ३९७ ३९७ ३९५ ४०२ ४०४ ४०६ ४०७ ४०७ विषय-सूची : ३६
SR No.090507
Book TitleTirthankar Mahavira aur Unki Acharya Parampara Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Shastri
PublisherShantisagar Chhani Granthamala
Publication Year
Total Pages654
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, History, & Biography
File Size14 MB
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