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________________ 'तित्थोगालोयपयन्ना" में बताया गया है कि जिस रात्रिमें अईन महावीर तोर्थकरका निर्वाण हुआ, उसी रातमें अवन्तिमें पालकका राज्याभिषेक हुमा । अतः ६० वर्ष पालकके, १५० नन्दोंके, १६० मौयोंके, ३५ पुष्यमित्रके, ६० बल-मित्र-भानुमित्रके, ४० नभसेनके और १०० वर्ष गर्दभिल्लोंके व्यतीत होनेपर शक राजाका शासन हुआ। उपर्युक्त तथ्योंकी पुष्टि 'तिलोयपण्णत्ती', 'तिलोयसार', 'घवलाटीका'मोर 'हरिवंशपुराण'से' भी होती है। इन ग्रन्योंमें बताया गया है कि निर्वाणके ६०५ वर्ष ५ माह बीतनेपर शक राजा हआ। इस आधारपर भो महावीर-निर्वाण ६०५ वर्ष, ५ माह-७८ वर्ष = ५२७ ई० पू० है। शक संवत् और ईस्वी संवत्में ७. वर्षका अन्तर है। तपागच्छ-पट्टालि में लिखा है-६० वर्ष पालक राजा, १५५ वर्ष नवनन्द, १. जं रयणि सिसिगओ, अरहा सित्तफरी महावीरो। तं रणिमयंतीए, अभिसित्तो पालओ राया ।। पालगरणो सट्टी, पुण पण्णसयं वियाणि गंदागं । मुरियाणं सट्ठिसयं, पणतीसा पूसभित्ताणं (तस्स) ।। बलमित्त-भाणुमित्ता, सट्ठा चला य होति नहसेको। गद्दभसय मेग पुण, पहिवानो सो सगो राया ॥ पंच य मासा पंच य, वासा छच्चेव होंति वाससया । परिनिब्वुअस्सऽरिहतो तो उप्पन्नो (पष्टिवत्रो) सगे राया ।। -तिस्थोगालीयपयन्ना ६२०-६२३ गाथा तथा हरिवंशपुराण ६०४८७-४९.. २. णिब्वाणे बीरजिणे छन्वास सदेसु पंचवरिसेसु । पणमासेसु गदेसु संजादो सगणिओ अहवा ॥ -तिलोयपण्णत्ती, भाग १, पृ. ३४१. ३. पणछस्सयवस्सं पणमासजुदं गमिय वीरणिबुझ्दो। सगराजा तो कक्की चदुणवतियमहिय बगमासं । तिलोयसार, गाथा ८५०. ४. पंच य मासा पंच य वासा छम्मेव होति बाससया । सगकालेण य सहिया पावेयम्बो तदो रासी॥ -धवलाटीका, जैनसिद्धान्त भवन बारा, पत्र ५३७. ५. वर्षाणां षट्शाती त्यक्त्वा पञ्चायं मासपञ्चकम् । मुक्ति गते महावीरें शकराजस्ततोऽभवत् ।। -हरिवंशपुराग, सानपीठ-संस्करण ६.५५१. ६. जं रणि कालगओ, अरिहा तित्थंकरो महावीरो । तं रयणि अणिवई, अहिसित्तो पासओ राजा ॥ तीर्थकर महावीर और उनको देशना : २९३
SR No.090507
Book TitleTirthankar Mahavira aur Unki Acharya Parampara Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Shastri
PublisherShantisagar Chhani Granthamala
Publication Year
Total Pages654
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, History, & Biography
File Size14 MB
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