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________________ १५१ १५२ १५४ १५५ १५६ १५७ १५७ १५८ १५८ विषय षष्ठवर्ष-साधना : उपसर्गपर उपमर्ग विमेलक यक्षका चिन्तन कटपूतनाका उपसर्ग : असंख्यातगणी कर्मनिर्जरा सप्तमवर्ष-साधना : आत्म-दर्शन नृपतिद्वारा चरण-वन्दन अष्टमवर्ष-साधना : आत्मोदयकी ओर घोर उपसर्ग-जय नवमवर्ष-साधना : सामायिक-सिद्धि उपवासपर उपवास दशमवर्ष-साना : संयमाराधना तपस्वरूप : परिष्कार बालकोंका उपद्रव और समता कायोत्सर्ग मुद्रा एकादशवर्ष-साधना : आत्मानुभूति संगमदेवका परीक्षण और विभिन्न उपसर्ग मोपसिनारंवारा वग-न्दन अद्भत चमत्कार : फाँसीका फन्दा टूटा संगमदेवका पराजय और चरण-वंदन चमत्कारको नमस्कार निविघ्न पारणा सम्पन्न द्वादशवर्ष साधना : विचित्र अभिग्रह राजा-रानीको चिन्ता भाग्योदय हुआ चन्दनाका चन्दनाका अपहरण भिल्ल सरदारके घेरेमें चन्दना चन्दनाको विक्री संदेहका भूत खुल गये बन्धन, मिला रत्नमय उपहार चन्दनाकी वन्दना चन्दनाका मिलन अन्य उपसर्ग : आत्मदृढ़ता अप्सराओं द्वारा प्रस्तुत मोहक राग-भोग १७० १७१ १७२ १७३ विषम-सूची : ३१
SR No.090507
Book TitleTirthankar Mahavira aur Unki Acharya Parampara Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Shastri
PublisherShantisagar Chhani Granthamala
Publication Year
Total Pages654
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, History, & Biography
File Size14 MB
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