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________________ गाथा : १६२ ] श्रायुके प्रमाणका विवरण श्रादि २३ पल्योपम ३ पल्योपम पारिषद मध्य साधिक ३ करोड़ वर्ष २ पल्योपम २३ पल्योपम सदियो महाहियारो बाह्य १३ पल्योपम २ पत्योपम पत्य का भाग पल्य का पद भाग पत्य का भाग अनीक देवोंकी १ पल्य १ लाख वर्ष गाथा - १४४-१६० तक साधिक १ पल्य साधिक ३ पल्प १ पूर्वकोटि १ करोड़ वर्षे सा. पल्य का है भाग सा पल्यका द्वै भाग सा.पत्यका डे भाग साधिक १ पूर्वकोटि साधिक १ करोड़ वर्ष ३ पूर्व कोटि २ पूर्व कोटि १ पूर्व कोटि १ करोड़ वर्ष १ लाख वर्ष सा. ३ पूर्व कोटि सा. २ पूर्व कोटि साधिक १ पूर्वकोटि साधिक १ करोड़ वर्ष साधिक १ लाख वर्ष ३ करोड़ वर्ष २ करोड़ वर्ष एक करोड़ वर्ष १ लाख वर्ष २३ लाख वर्ष सा. ३ करोड़ वर्ष सा. २ करोड़ वर्ष सा. एक करोड़ वर्ष साधिक १ लाख वर्ष साधिक ३ लाख वर्ष ३ करोड़ वर्ष २ करोड़ वर्ष एक करोड़ वर्ष लाख वर्ष साधिक ३ लाख वर्ष [ ३१३ सा. २ करोड़ वर्ष सा. एक करोड़ वर्ष सा० एक लाख वर्ष वाहन देवोंकी ३ पल्य
SR No.090504
Book TitleTiloypannatti Part 1
Original Sutra AuthorVrushabhacharya
AuthorChetanprakash Patni
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages434
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Geography
File Size8 MB
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