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[ सुगंधवशमी कपा पृ० ७ चित्रह
मुनि को पीड़ा और वमन पृष्ठ भूमि पीले रंग की है । मुनि खड़ी हुई मुद्रा में हैं, और पीछे एक लघु मुनि पीछी लिये खड़े हैं, समाचार सुनकर बहुत से भक्त पाये हैं, जिनमें चार दिखाये गये हैं। उनमें दो के अंगरखे हरे, एक का हलका बैंगनी तथा एक का लाल है। ऊपर दांयी ओर जिनेन्द्र की बेदिका है, और नीचे बांयी ओर मंदिर में जाने का प्रवेश द्वार है । प्राकार ५३४५ इंच ।
पृ० ८ चित्र १०
राजा का हाथ जोड़कर मनि से क्षमा-याचना नीले रंग की पृष्ठ भूमि में उद्यान का दृश्य । एक अोर मुनि, बीच में राजा और उन के पीछे बाघ का अंकन है । मनि का अंग गहरा बैंगनी, राजा के अंगरखे का लाल और बाघ का पीला है । प्राकार ५४ ३१ इंच ।
पृ० ८, चित्र ११
राजा का क्रोध और रानी का सौभाग्य-हरण हलके हरे रंग की पृष्ठभूमि पर गहरे बंगनी रंग से महल काप्रदर्शन । रानी बैठी हुई और राजा खड़े हैं । राजा कशा रानी का सौभाग्य लेकर उसे निष्कासित कर रहे हैं । रानी की साड़ी नीली और राजा का अंगरखा पीले रंग का तथा पटका नीला है । राजा के पीछे मंत्री और उसके पीछे एक चमर ढोरने वाली अनुचर है । उसके शरीर का रंग नीला व जांघिया लाल धारीदार है । प्राकार ५४३ इंच ।
पृ० ६ चित्र १२
रानी मरकर भैंस हुई चित्र की पृष्ठ भूमि हलके हरे रंग की है । मंडप की पृष्ठभूमि में गहरा बैंगनी रंग है । पापिनी रानी मन में सोच रही है । उसके पीछे मंडप से बाहर एक भैस दिखाई गई है । भैस का रंग गहरा काला है । आकार ५४४ इंच ।।
पृ० ६ चित्र १३
भैस कीचड़ में फंसी चित्र की पृष्ठभूमि नीले रंग की है । उसके ऊपर कीचड़ का तालाब महरे बैंगनी रंग का, और उसमें फंसी हुई भंस काले रंग की है । आकार ५४२ इंच ।