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________________ दिया पत्ता पंचेंदिया पजत्तगा विसेसाहिया वैदियपजत्तगा विसेसाहिया तेइंदियपजत्तमा विसेसाहिया एगिंदियपजत्तमा अनंतगुणा, सइंदिया पचत्तगा विसेसाहिया ॥ एतेसि णं भंते! सइंद्रियाणं पज्जत्तगअपनत्तगाणं कयरे २१, गोयमा । सव्वत्थोवा सइंद्रिया अपजसगा सइंदिया पञ्चत्तगा संखेागुणा । एवं एगिंदियावि । एतेसि णं भंते! बेइंद्रियाणं पज्जत्तापज्जत्तगाणं अप्पावनुं ?, गोयमा । सव्वत्थोवा बेइंद्रिया पज्जन्तगा अपजसगा असंखेज्जगुणा, एवं तेंद्रियचरिंद्रियपंचेंद्रियावि ॥ एएसि णं भंते! एगिंदियाणं बेइंदि० तेइंदि० उरिंदि० पंचेंदियाण य पज्जत्तगाण य अपञ्चत्तगाण य कयरे २१, गोयमा ! सव्वस्थोवा चउरिंदिया पञ्चत्तगा पंचेंदिया पचत्तगा विमाहिया बेतिया बिसारिया तेइंदिया पज्जतगा विसेसाहिया पंचदिया अपजतगा असंखेज्जगुणा चरिंदिया अपनत्ता विसेसाहिया तेइंदियअपजस्ता विसेसाहिया बेइंदिया अपत्ता विसेसाहिया एगिंदियअपत्ता अनंतगुणा सइंद्रिया अपलत्ता बिसेसाहिया एगिदियपज्जता संखेजगुणा सइंदियपजत्ता विसेसाहिया सइंदिया विसेसाहिया । सेत्तं पंचविधा संसारसमावण्णगा जीवा ॥ ( सू० २२५ ) 'एएसि णमित्यादि प्रनसूत्रं सुगमं, भगवानाह - गौतम ! सर्वस्तोकाः पचेन्द्रियाः सङ्ख्येययोजनकोटीकोटी प्रमाणविष्कम्भसूचीप्रमितभतरासयेय भाग व सोय श्रेणिगता काश प्रदेशराशिप्रमाणत्वात् तेभ्यश्चतुरिन्द्रिया विशेषाधिकाः, विष्कम्भसूच्यास्तेषां प्रभूत
SR No.090435
Book TitleAgam 14 Upang 03 Jivabhigam Sutra Part 03 Stahanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Rajendramuni, Shobhachad Bharilla
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages935
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Metaphysics, & agam_related_other_literature
File Size22 MB
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