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________________ १७५. प्रश्न: कलि- ओज किसे कहते हैं ? उत्तर: जिस राशि में ४ का भाग देने पर 9 शेष रहे, उसे कलि- ओज कहते हैं। जैसे १७ में ४ का भाग देने पर १ शेष रहता है। १७६. प्रश्न : तेज-ओज किसे कहते हैं ? उत्तर : जिस राशि में ४ का भाग देने पर ३ शेष रहें, उसे तेज ओज कहते हैं। जैसे- १५ में ४ का भाग देने पर ३ शेष रहते हैं । १७७ प्रश्न: वर्गशलाका किसे कहते हैं ? उत्तर: राशि के जितने बार वर्ग करने से राशि उत्पन्न होती है. उतने बारों को वर्गशलाका कहते हैं। १७८. प्रश्न : अर्थच्छेद किसे कहते हैं ? उत्तर: राशि के जितनी बार अर्ध करते-करते एक अंक रह जाए, वे बार अर्धच्छेद कहलाते हैं। १७६. प्रश्न: उपमा प्रमाण के कितने भेद हैं ? उत्तर : पल्य, सागर, सूच्यंगुल, प्रतरांगुल, घनांगुल, जगत्श्रेणी, जगत्प्रतर तथा लोक इस प्रकार उपमा प्रमाण ८ प्रकार का है। (६६)
SR No.090247
Book TitleKarananuyoga Part 3
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages147
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Agam, Canon, H000, H015, & agam_related_other_literature
File Size2 MB
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