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________________ गोम्मटसार कर्मकाण्ड-४६२ अर्थ- अनिवृत्तिकरण गुणस्थान के द्वितीय भाग से सूक्ष्मसाम्पराय गुणस्थान पर्यन्त कषायों की अपेक्षा से ११ भंग होते हैं। विशेषार्थ- क्रोध-मान-माया और लोभ के उदय रूप अनिवृत्तिकरण गुणस्थान के चार भागों में क्रम से चार-तीन-दो और एक प्रकृति का बन्ध पाया जाता है। उनमें क्रम से कषाय के बदलने की अपेक्षा ४.३.१ और १ अंग है। सारथगुग:स्थान में मोहनीय कर्म के बन्धरहित सूक्ष्मलोभ के उदयस्थान में एक भंग है। आगे सर्व उदयस्थानों की तथा उनमें पाई जाने वाली प्रकृतियों की संख्या कहते हैं बारससयतेसीदीठाणवियप्पेहिं मोहिदा जीवा। पणसीदिसदसगेहिं पयडिवियप्पेहिं ओघम्मि ॥४८७॥ , अर्थ- गुणस्थानों में मोहनीय कर्म के सर्व १२८३ उदयस्थानों में तथा उन स्थानों की ८५०७ प्रकृति भेदों में जगत् के चराचर जीव मोहित हो रहे हैं। विशेषार्थ-- गुणस्थानों में मोहनीय कर्म के १० प्रकृतिरूप एक, ९ प्रकृतिरूप छह, ८-७ व ६ प्रकृति के ११-११, पाँच प्रकृति रूप नौ, चार प्रकृतिरूप तीन, दो प्रकृतिरूप एक ये सर्व ५३ उदयस्थान हैं और इनमें प्रत्येक उदयस्थान के २४-२४ भंग होने से (५३४२४) १२७२ तथा एक प्रकृति रूप स्थान के ११ भंग हैं इस प्रकार (१२७२+११) सर्व १२८३ भंग उदयस्थानों के जानना। इन स्थानों में पाई जाने वाली प्रकृतियों का कथन इस प्रकार है---- दश प्रकृतिरूप एक स्थान की १० प्रकृति, नौ प्रकृतिरूप ६ स्थानों की ९४६=५४ प्रकृतियाँ, आठ प्रकृतिरूप ११ स्थानों की ८x११८८८ प्रकृतियाँ, सात प्रकृति रूप ११ स्थानों की ७४११-७७ प्रकृतियाँ, छह प्रकृतिरूप ११ स्थानों की ६४११-६६ प्रकृतियाँ, पाँच प्रकृति रूप ९ स्थानों की ५४९-४५ प्रकृतियाँ, चार प्रकृति रूप ३ स्थानों की ४४३-१२ प्रकृतियाँ, दो प्रकृति रूप १ स्थान की २४१ = २ प्रकृतियाँ, ये सर्व मिलकर १०+५४+८८+७७+६६+४५+१२+२-३५४ प्रकृतियाँ हुईं। इनको २४ भंगों से गुणा करने पर ३५४४२४-८४९६ होते हैं और एक प्रकृति रूप स्थान के ५१ भंगों की ११ प्रकृतियाँ मिलाने से ८४९६+११३८५०७ सर्वप्रकृतियों की संख्या जानना। प्रकृतियाँ । १० १८७६ ५ ४ २ | स्थान । १ ६ ११ ११ ११ ९ ३ १
SR No.090180
Book TitleGommatasara Karma kanda
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Siddhant Chakravarti, Jawaharlal Shastri
PublisherShivsagar Digambar Jain Granthamala Rajasthan
Publication Year
Total Pages871
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Discourse, Philosophy, & Religion
File Size20 MB
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