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________________ गोम्मटसार कर्मकाण्ड-७७ पण्णारसमुनतीसं मिच्छदुगे अविरदे छिदी चउरो। उवरिमपणसट्ठीवि य एवं सादं सजोगिम्हि ॥११७ ।। अर्थ - औदारिककाययोगी के समान ही औदारिकमिश्रकाययोगीकी भी बन्ध-अबन्ध आदि की रचना जानना चाहिए, किन्तु विशेषता यह है कि देवायु, नरकायु, आहारकशरीर, आहारकअङ्गोपाङ्ग, नरकगति, नरकगत्यानुपूर्वी इन छह प्रकृतियों का बन्ध नहीं होता है। यहाँ भी मिथ्यात्व और सासादनगणुस्थान में देवचतुष्क और तीर्थकर इन पाँचप्रकृतियों का बन्ध नहीं होता, किन्तु असंयतगुणस्थान में इनका बन्ध होता है। विशेषार्थ - औदारिकमिश्रकाययोग में गुणस्थान १-२-४-१३ ये चार हैं। यहाँ मिथ्यात्वगुणस्थान में नरकायु, नरकगति औरनरकगत्यानुपूर्वी को कमकरके तिर्यञ्च व मनुष्यायु मिलाने से १५ की व्युच्छित्ति होती है, बन्धप्रकृति १०९ व अबन्धप्रकृति ५ हैं। सासादन में व्युच्छित्तिरूपप्रकृति २९, बन्धप्रकृति ९४ एवं अबन्धप्रकृति २०। असंयतगुणस्थान में व्युच्छित्ति वर्षभनाराघादिक ६ प्रकृतियोंबिना अप्रत्याख्यानकषाय चार, क्योंकि वज्रर्षभनाराचादि छहप्रकृतियों की व्युच्छित्ति सासादनमें ही हो जाती है। तथा देशसंयतसम्बन्धी प्रत्याख्यानकी चारकषाय, प्रमत्त की ६, अप्रमत्तसम्बन्धी देवायु यहाँ बन्धयोग्य ही नहीं है अतः उसे भी यहाँ नहीं गिनी है। अपूर्वकरण की आहारकद्रिकबिना ३४, अनिवृत्तिकरणकी ५, सूक्ष्मसाम्यराय की १६, ये सर्व मिलकर ६५ और अप्रत्याख्यानकषायकी चार ये ६९ प्रकृतियाँ असंयत गुणस्थान में व्युच्छिन्न होती हैं। बन्ध देवचतुष्क व तीर्थकरसहित ७० प्रकृतियोंका एवं अबन्ध ४४ प्रकृतिका है। सयोगीगुणस्थान में व्युच्छित्ति एक सातावेदनीयकी, बन्ध भी एक सातावेदनीयका तथा अबन्धरूप प्रकृतियाँ ११३ हैं। असंयतगुणस्थान से सूक्ष्मसाम्परायगुणस्थानपर्यन्त न्युच्छिन्न होने वाली ६९ प्रकृतियों और असंयतगुणस्थान में अबन्धरूप ४४ प्रकृतियाँ, इन दोनों को मिलाकर सयोगकेवली में ११३ प्रकृतियों का अबन्ध है। नोट - सातावेदनीय की व्युच्छित्ति औदारिकमिश्रकाययोगी के नहीं होती, किन्तु औदारिककाययोगीके होती है।
SR No.090180
Book TitleGommatasara Karma kanda
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichandra Siddhant Chakravarti, Jawaharlal Shastri
PublisherShivsagar Digambar Jain Granthamala Rajasthan
Publication Year
Total Pages871
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Discourse, Philosophy, & Religion
File Size20 MB
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