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________________ (देव शिल्प (२३) कणपीठ छज्जा सिंहासन पीठ की ऊंचाई ४भाग २ भाग १२'भाग २भाग ८भाग हाथी कणी अक्षरपट्टी कुल - २८:ग परिकर के पार्श्व भाग का आकार प्रतिमा की नहीं के बराबर ८ भाग ऊंचाई में चंवरधारी / कायोत्सर्ग मुनि । चंबरधारी देव ३१भाग तोरण से सिर तक १२ भाग ------------ कुल -५१ भाग परिकर के पार्श्व भाग का प्रमाण थंभली समेत रूपथभलो २-२ भाग १२ भाग परालिका ६ भाग २२ भाग चौड़ाई १६ भाग मोटाई चौड़ाई में परिकर के ऊपर के छत्र भाग (डउला/छत्रवटा) का स्वरूप एक एक तरफ मध्य सूत्र से आर्ध छत्र का भाग १० भाग कमलनाल १भाग माला धारण करने वाले १३भाग थंमली २भाग वंसी / वीणा धारक ८ भाग बैठी प्रतिमा का भाग तिलक के मध्य में घंटा थंभली २ भाग मगरमुख ६ भाग ४२ भाग ४२ दोनों तरफ = ८४ भाग
SR No.090130
Book TitleDevshilp
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDevnandi Maharaj
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages501
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Art
File Size9 MB
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