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________________ 180 83 123 58 93. मैं हरख्यो निरख्यो मुख तेरो 94. मोहिड़ा रे जिय 15. मोही जीव भरम तम तैं नहिं 16. मोहे तारो जी क्यों ना 97. राचि रह्यो पर मांहि ल 98. लखा जो या जिय भौरे की बात 99. लाल कैसे जाओगे 100. वामा घर बजत बधाई 101. वारि हो बधाई या शुभ साजै 102. विषयों दा मद भानै 103. वंदो अद्भुत चन्द्र वीर श 104. शिवपुर की डगर समरस सौं भरी 105. शिवमग दरसावन रावरो दरस स 106, सकल ज्ञेय ज्ञायक तदपि 107, सब मिल देखो हेली म्हारी 108. सांवरिया के नाम जपन तें 109, सुधि लीजो जी म्हारी 110. सुन जिन बैन श्रवण सुख पायो 111. सुनो जिया ये सत्गुरु की बातें 112. सौ-सौ बार हटक नहीं मानी 113. हम तो कबहुँ न निज गुण भाये 114. हम तो कबहुँ न निज घर आये 84 171 100 115 68 158 16 24 72 107 29 40 100 124 112 148 182 168 164 71 106 116. हमारी बीर हरो भवपीर 117, हे जिन! तेरे मैं शरणै आया 118. हे जिन! तेरो सुजस उजागर 119. हे जिन! मेरी ऐसी बुधि कीजे 120. हे त्रिभुवन तारी हो जिन जी __101 92 162 137 122. हे मन तेरी को कुटेव यह 123. हे हितवांछक प्राणी रे 124. हो तुम शठ अविचारी जियरा 93 138 186 दौलत भजन सौरभ
SR No.090128
Book TitleDaulat Bhajan Saurabh
Original Sutra AuthorN/A
AuthorTarachandra Jain
PublisherJain Vidyasansthan Rajasthan
Publication Year
Total Pages208
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Devotion, & Worship
File Size3 MB
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