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________________ I ; ! 3. पर्याय ज्ञान का लक्षण 'जानपना' है। ज्ञान जानपनेरूप परिणमन करता है । शंका :- ज्ञान की सिद्धि जानपने से है या परिणमन से ? समाधान :- जानपने के बिना तो ज्ञान का अभाव होता है । 'जानपना' गुण है और 'परिणमन' पर्याय है । पर्याय के बिना गुण नहीं होता और गुण के बिना पर्याय नहीं होती । पर्याय के कारण गुण है, पर्याय और गुण का प्रविनाभावी सम्बन्ध है । शंका :- पर्याय क्रमवर्ती है और गुण अतः क्रमवर्ती पर्याय से सहभावी गुण की सकती है ? सहभावी हैं. सिद्धि कैसे हो - ही होती है गुण की सिद्धि समाधान :- गुण की सिद्धि पर्याय से यही स्पष्ट करते हैं । जिसप्रकार अगुरुलघु पर्याय के बिना नहीं होती, उसोप्रकार में समझना चाहिए। अगुरुलघु गुण का विकार ( विशेष सब गुणों के विषय
SR No.090125
Book TitleChidvilas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipchand Shah Kasliwal
PublisherKundkund Kahan Digambar Jain Trust
Publication Year
Total Pages160
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Spiritual
File Size2 MB
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