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________________ १३. रुचकवर पर्वत के कूटों व देशों के नाम | त्रि.प. त्रि.सा. देवियों रा. वा., ह.पु. देवियों दिशा देवी देवी काम कनक विजया वैडूर्य विजया कांचन वैजयन्ती कांचन वैजयन्ती जन्म कल्याण पर तपन जयन्ता कनक वैजयन्ती स्वतिकदिश अपराजिता जन्म कल्याणक पर भारी धरण करना अरिष्टा अपराजिता जन्म कल्याण पर भारी धारण करना सुभद्र नन्दा दिकस्वतिक नन्दा नन्दवती नन्दन नन्दोत्तरा अंजनमूल अंजन एण करना नन्दोत्त अंजन प्रानन्दा । वन नन्दषेणा अंजनमूल नन्दिवर्धना स्फटिक इच्छा अमोघ सुस्थिता दक्षिण रजत समाहार सुप्रबुद्ध सुप्रणिधि कुमुद सुप्तकी मन्दिर सुप्रबुद्धा यशोधरा दर्पण धारण करना जन्म कल्याणक पर दर्पण धारण करना नलिन दर्पण धारण करना शोधरा विमल पद्म लक्ष्मी रुचक लक्ष्मीवती चन्द्र शेषवती रुचकोत्तर कीर्तिमती वैश्रवण चित्रगुप्ता सुन्धरा चित्रा वैडूर्य वसुन्धरा सुप्रतिष्ठ लोहिताक्ष अमोघ इला इला पश्चिम स्वस्तिक सुरादेवी जगत्कुसुम सुरा मन्दर पृथिवी पद्म जन्म कल्याणक पर छत्र धारण पृथिवी पधावत्ती जन्म कल्याणक पर छत्र धारण जन्म कल्याणक पर छत्र धारण हैमवत् पद्मा नलिन (पद्म) राज्य एकनासा कानना कांचना, कुमुद सौमनस राज्योत्तम । नवमी नवमिका १३८
SR No.090094
Book TitleBhagavana Mahavira aur unka Tattvadarshan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDeshbhushan Aacharya
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages1014
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, Principle, & Sermon
File Size36 MB
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