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________________ ३ नदियों का प्रमाण ---- -... -- प्रत्येक नाम गणना अल प्रमाण विवरण का परिवार गंगा-सिन्धु १४००० भरत क्षेत्र में २८००२ ५६००२ २८००० रोहित-रोहितास्या हरित-हरिकान्ता हैमवत क्षेत्र में हरि क्षेत्र में ५६००० ११२००२ नारी-भरकान्ता ५६००० ११२००६ रम्यक क्षेत्र में २८००० ५६००२ है रण्य वन क्षेत्र में - सुवर्णकूला व रूप्यकूला रक्ता-रक्तोदा १४००० ऐरावत क्षेत्र में - . -..- - - छह क्षेत्रों की कुल नदियाँ __ ३१२०१२ सीता-सीतोदा ८४००० १६८००२ दोनों कुरुत्रों में ३२ विदेहों में क्षेत्र नदियों ० रा ५६६०६४ विभंगा १२ । १०६४०७८ ह.यु.व.ज. प की अपेक्षा विदेह की कुल नदियाँ जम्बूद्वीप की कुल नदी १४५६०६० विभंगा २८००० जम्बूद्वीप की कुल नदी १७६२०१० ति. प. की अपेक्षा पर प्रमाया से करने पर तीन सौ ती थोजन के दो हजार दो सौ चालीसवें भाग बाहल्प प्रमाण जगप्रसर होता है। हात हा १४७४ -२४४६ इस सबको इकट्ठा करके मिला देने पर एक हजार चौबीस करोड़, उन्नीस लाख, तेरासी हजार, चार सौ सतासी योजनों में एक . लाख नौ हजार मात सौ आठ का भाग देने पर लब्ध एक भाग बाहल्य प्रमाण जगप्रनर होता है। ३११८००००।१७८३६ । ४२००५८ । ३०३_१०२४१०८३४८७ xx २४३ ३ ४३ । ३४३ ४६ २२४० १०६७६०
SR No.090094
Book TitleBhagavana Mahavira aur unka Tattvadarshan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDeshbhushan Aacharya
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages1014
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, Principle, & Sermon
File Size36 MB
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