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________________ 617 617 617 617 617 618 618 619 619 620 620 620 केतुओं का विशेष फल ऊर्मि शीत केतु का स्वरूप और फल भटकेतु और भवकेतु का स्वरूप और फल औद्दालककेतु का स्वरूप और फल पद्मकेतु कश्यप श्वेत केतु आवर्तकेतु, रश्मिकेतु, वसाकेतु, कुनुदकेतु, कपाल किरन, मगिकेतु और रौद्रकेतु का स्वरूप और फलादेश संवर्त केतु का स्वरूप और फल ध्रुव केतु का स्वरूप और फल अमृतकेतु का स्वरूप और फल दुष्टकेतु का फल 27 नक्षत्रों के अनुसार दुष्ट केतुओं का धातक फल बाइसवां अध्याय सूर्य-चार के कथन की प्रतिज्ञा उदयकालीन सूर्य के उदय का फल दिशाओं के अनुसार सूर्य के उदय काल की आकृति का फलादेश श्रृंगी वर्ण के सूर्य का फलादेश अस्तकालीन सूर्य का फल चन्द्रमा और सूर्य के पर्वकाल का फल सूर्य और चन्द्र नक्षत्रों का कथन सूर्य का संक्रान्तियों के अनुसार फलादेश तेईसवाँ अध्याय रात्रि में प्रत्येक महीने के चन्द्रमा का विचार चन्द्रमा की शृजोन्नति का विचार चन्द्रमा की आभा का कथन 622-630 622 623 624 626 627 627 627 630 633-653 633 633 634
SR No.090074
Book TitleBhadrabahu Sanhita Part 2
Original Sutra AuthorBhadrabahuswami
AuthorKunthusagar Maharaj
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1268
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Jyotish
File Size28 MB
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