________________ विशिष्ट शब्दसूची ऋषभदेवकी पूर्वभव-पर- / सितांशुकप्रतिच्छन-सफेद वस्त्र / संख्या-छन्दशास्त्रका एक प्रकम्परामें प्राप्त एक भव से ढका हुआ 17 / 205 रण-प्रत्यय 166114 जिसमें वे सर्वार्थसिद्धिसुत्रामन्-इन्द्र 151 संविग्न-संसारसे भयभीत होनामक अनुत्तर विमानके सुत्रामा (सुत्रामन्)-इन्द्र 12175 __कर वैराग्यमें तत्पर रहनेस्वामी हुए 14050 सुदती-सुन्दर दांतोंवाली स्त्री वाले पुरुष 24 / 177 सरस्वत्-समुद्र 20 // 36 19 / 129 संवृति-भ्रान्ति 5 / 40 सब्य-तालसे सहित 13 / 179 / सुधाशी-देव 11 // 3 संन्यान-उत्तरीयवस्त्र 19 / 117 साता-अभिप्रायवती 14186 सुपासूति-चन्द्रमा 683 संस्स्याय-रचनाविशेष 166144 साचिय-सहायता 8209 सुपर्वा उत्तम पौरोंसे सहित संहार-प्रलयकाल 20135 साविकबल-आत्मबल 15 / 210 14 / 143 सोपान-फलकहारमें नीचे यदि साधन-सेना 4 / 124 सुरकुज-कल्पवृक्ष 201270 सोनेके तीन दाने लगे हों साधन-सेना 8 / 41 सुरमि-कामधेनु 15 / 42 तो उसे सोपान कहते हैं साधारण-देशका एक भेद सुरसद्मन्-स्वर्ग 12689 16159 सुराग-कल्पवृक्ष 4182 सौगन्धिक-सुगन्धित पदार्थ साध्वस-भय 33123 सुराग-कल्पवृक्ष ( सुर + अग) 12 / 174 धि - अमृतसम्बन्धी, सुधाया सानुजन्मा-छोटे भाइयोंसे सहित __ अयं सौवः 111150 सुराग-कल्पवृक्ष (सुर + अग) 24.10 13 // 25 . सौमुख्य-अनुकूलता 14.91 सामायिक-चारित्रका एक भेद सुरेम-सु-उत्तम रेम-शब्दसे सौरभेय-वृषभ 15 / 42 20 / 171 युक्त 101208 सौरी-सूर्यसम्बन्धी 12 / 170 सामि-आधा 193172 सुरेम-सुर + इम-देवोंके हाथो स्तन्य-दुग्ध पिलाने में 143165 सारव - मारव-शब्दसे सहित 10 / 208 स्तम्बरम-हाथी सम्बन्धो (स्तम्बे१४॥२०५ रमस्येदं स्तम्बरमम् सुविधि-उत्तम भाग्यसे युक्त, सार-सरयूनदी सम्बन्धी 25 // 35 पक्षमें भगवान् ऋषभदेवकी 14 // 205 स्थानीय-राजधानीका दूसरा पूर्व पर्यायका एक नाम सार्व-सर्वहितकारी 7.315 नाम 16 / 163 14 / 49 सार्वमौमत्व-समस्त पृथिवीका स्नानद्रोणी-स्नान करनेका टप -सुवृत्त-गोल 11 // 28 स्वामित्व-चक्रवर्तीपना (सर्व / 13 / 207 स्या भूमेरषिपः सार्वसूक्ष्मादि-सूक्ष्म, अन्तरित, दूर स्पृश्यकारु-नाई आदि 16 / 186 वर्ती 771 भोमस्तस्य भावस्तत्त्वम्) स्फाति-वृद्धि 1 / 207 सूति-उत्पत्ति 24 // 2 15 / 132 स्फाति-विस्तार 14 // 31 सूत्र-मणिमध्या यष्टिका एक भेद स्वःप्रह-स्वर्गश्रेष्ठ-इन्द्र 174223 सारस - सर:-सरोवरसम्बन्धी एक लड़की माला जिसमें स्वभ्यस्त-अच्छी तरह अभ्यास 16 / 213 बीच में नीचे एक मणि लगा किया हुआ 11 // 32 सासार-आसार-धाराप्रवाह रहता है 16150 स्वयं-स्वर्गकी प्राप्तिका साधक वर्षास सहित 12 / 104 सूत्रधार-शिल्पाचार्य-मकान 205 सितादावली-हंसपंक्ति आदिका काम करानेवाला . स्वरुदभवगन्ध-स्वर्गमें उत्पन्न 19 / 122 12 / 75 . गन्ध 233110