________________ 696 'बादिपुराणम् स्वतीय-भानेज 10143 हों उसे हार कहते हैं स्थापत्यक-पन 8 / 232 हरि-इन्द्र 22113 16 / 58 स्वायंभुवी-आदिनाथ भगवान्हरित्-दिशा 13 / 28 . हारिन्-सुन्दर 9 / 24 को वाणी 12194 हारिन्-मनोहर 17 // 122 स्वायंभुव-स्वयंभू भगवान् हरिविक्ष-सिंहासन 5 / 214 / हिमानी-अत्यधिक बर्फ, महद वृषभ देव-द्वारा कहा हुआ हार-यष्टि-लड़ियोंके समूहसे बनी / हिमं हिमानी 20120 16 / 112. माला हार कहलाती है हिरण्मयी-सुवर्णमयी 12289 बग्घरा-मालाको धारण करने इदिशप-कामदेव 15497 बालो 233196 | हार-जिसमें सकसो पाठ लड़ियां | सीक-इन्द्रिय 213106