________________ 694 आदिपुराणम् शल्क-खण्ड 23349 | श्रीधर-लक्ष्मीके धारक, पक्षमें सदाच-सत्को आदि लेकरशवर-म्लेच्छोंकी एक जाति भगवान् ऋषभदेवकी सत्, संख्या, क्षेत्र, स्पर्शन, 16 / 161 पूर्वभवपरम्परामें एक देव- काल, अन्तर, भाव, शाइवल-हरी-हरी घाससे युक्त पर्यायका नाम 14 / 49 अल्पबहत्व, निर्देश, स्वा२२११३३ श्रेयान् (श्रेयान्स )-कुरुजांगल- मित्व, साधन, अधिकरण, शातमातुर-सौ माताओंका पत्र देश हस्तिनापुरके राजा स्थिति, विधान-ये.. अनु 11178 सोमप्रमका छोटा भाई - योगद्वार 2 / 101 शातित-तोड़े हुए, गिराये हुए 20131 सधर्मा-समान 21137 12 / 91 श्रोताके आठ गुण-१ शुश्रूषा 2 सध्रीची-सहचरी, श्रीमती 8 / 3 शार-विविध वर्णवाली 15 / 203 श्रवण 3 ग्रहण 4 धारण सनामि-बन्धु 12 / 10 शार्वर-शर्वरी-रात्रिसम्बन्धी 5 स्मृति 6 ऊह 7 अपोह सपर्या-पूजा 5 / 191 12 / 134 8 निर्णीति सप्तकक्षा-हाथी, घोड़ा, रथ, शूना-स्थूल 10142 .. पदल, बैल, गन्धर्व, नर्तकी शिखावल-मयूर 9 / 17 श्वभ्र-नरक 11 / 204 शिखावल-मयूर 19:120 101199 श्वानी-नरकगति 5 / 114 शिल्लोच्चय-पर्वत 131154 सप्तनय-१ नैगम 2 संग्रह 3 शिवा-शृगाल 1077 व्यवहार 4 ऋजुसूत्र 5 श्वेतमानु-चन्द्रमा 136163 शीतक-मन्द-कार्यमें देर करनेवाला शब्द 6 समाभिरूद 7 एवं. 5 / 107 षटकर्म-असि, मषि, कृषि,शिल्प, भूत 25 / 222 ससाचिंष-अग्नि 2 / 9 शीतलिका-व्यजन-पंखा 5 / 94 वाणिज्य और विद्या-ये समापिंच-अग्नि 241170 शीर्षक-यष्टि नामक हारका एक छह कर्म हैं 16 / 190 .. समवान्-पूज्य 14 // 152 भेद 16147 षड्भेदभाव-१जीव 2 पद्गल 3 समावना-अहिंसादि व्रतोंको शोषकयष्टि-जिसके बीच में एक धर्म 4 अधर्म 5 आकाश६ पचीस भावनाबोंसे सहित बड़ा मोती लगा हो ऐसी काल 25 / 222 10.65 एक लरकी माला 16.52 | पाइगुण्य-सन्धि, विग्रह, यान, सभावना-सभाओंके रक्षकदेव शुचि-ग्रीष्म ऋतु-आषाढ़ 6 / 51 आसन, द्वैषीभाव, आश्रय 10.65 शुद्धान्त-अन्तःपुर 174177 ये छह गुण हैं 4 / 123 समया-समीप 22 / 207 शुर्मयु-कल्याणसे युक्त, शुभमस्ति समवृत्त-जिसके चारों चरण एक येषां ते शुभंयवः 'अहंशममो. संक्रन्दन-इन्द्र 12 / 95 समान लक्षणवाले हों ऐसा युस्' इति मतुवर्थे युप्रत्ययः | सचार-पादविक्षेपसे सहित छन्द 4193 111138 . - 14 // 132 समा-कालविभाग 3219 अदादिगुणसम्पन-१ श्रद्धा / सजानि-स्त्रीसहित 375 समाहित-एकाग्रचित्त 6 / 24 २शक्ति 3 भक्ति 4 विज्ञान सजानि-स्त्रीसहित (जायया. समि-अत्यन्त तेज 5 / 13 5 बलुब्धता 6 क्षमा और __ सहितः सजानिः) 9 / 148 / समीहा-बेष्टा 5 / 34 . ७त्याग इन सात गुणोंसे युक्त सस्वकार-बयाना 7156 सर्पण-पथिवीपर सरकना 20181,82, 83, 84 मस्वानुषजीगुण-सत्यं शौचं क्षमा 155162 बार-श्रद्धासे युक्त 20156 त्यागः प्रज्ञोत्साहो . दया सर्वज्ञोपज्ञ-सर्वज्ञके द्वारा प्रथम भायंस-ग्यारहवें. श्रेयान्सनाथ दमः / प्रशमो विनयश्चेति - उपविष्ट 5 / 85 तीर्थकरसम्बन्धी पुराण गुणाः सत्वानुषङ्गिणः सर्वार्थसिदिनाथ-सब सिखियों. 15 / 214 के स्वामी, पक्षमें भगवान् . 2013