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________________ अनुयोगद्वारसूत्र गामे उदइयपारिणामियनिप्फण्णे? उदइयपारिणामियनिष्फण्णेउदइएत्ति मणुस्से पारिणामिए जीवे। एस णं से णामे उदइयपौरिणामियनिष्फण्णे ॥४॥ कयरे से गामे उवसमियखइयनिष्फपणे? उवसमियखइयनिप्फण्णे-उवसंता कसाया-खइयं सम्मत्तं। एस गं से णामे उवसमियखइयनिप्फण्णे॥५॥ कयरे से णामे उपसमियखओवसमियनिष्फण्णे ? उपसमियखओवसमियनिनिफण्णे-उवसंता कसाया खओवसमियाइं इंदियाई एस गं से णामे उपसमियखओवसमियनिष्फण्णे॥६॥ कयरे से गामे उपसमियपारिणामियनिप्फण्णे ? उपसमियपारिणामियनिष्फपणे-उवसंता कसाया पारिणामिए जीवे । एस णं से णामे उव. समियपारिणामियनिप्फण्णे॥७॥ कयरे से णामे खइयखओवसंमियनिष्फण्णे ? खइयखओवसमियनिष्फण्णे-खड्यं सम्मतं खओवसमियाइं इंदियाई। एस णं से णामे खइयखओवसमियमिफण्णे॥८॥ कयरे सेणामे खइयपारिणामियनिष्फण्णे ? खइयपारिणामियनिष्फण्णे-खइयं सम्मत्तं पारिणामिए जीवे। एसणं सेणामे खइयपारिणामियनिप्फण्ण॥९॥ कयरे से णामे खओवसमियपारिणामियनिष्फण्णे? खओवसमियपारिणामियनिष्फण्णे. खओवसमियाइं इंदियाई पारिणामिए जीवे । एस णं णामे खोवसमियपारिणामियनिप्फण्णे॥१०॥॥सू० १५८॥ __छाया-पत्र खल ये ते दश द्विकसंयोगास्ते खलु इमे-अस्ति नाम औद. यिकौपशमिकनिष्पन्नम् ॥१॥ अस्ति नाम औदयिकक्षायिकनिष्पन्नम् ॥२॥ अस्ति नाम औदयिकक्षायोपशसिकनिष्पन्नम् ॥३॥ अस्ति नाम औदयिकपारिणामिक .
SR No.040003
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1967
Total Pages861
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size249 MB
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