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________________ मनुयोगचन्द्रिका टीका सूत्र ११९ अनौपनिधिको क्षेत्रानुपूर्वीनिरूपणम् ५११ इत्वं नैगमव्यवहारसम्मतामनौनिधिको क्षेत्रानुपूर्वीमुक्त्वा सम्पति संग्रहनयसंमतामनौषनिधिकी क्षेत्रानुपूर्वीमाह__मूलम्-से किं तं संगहस्स अणोवणिहिया खेत्ताणुपुत्बी ? संगहस्स अणावणिहिया खेत्ताणुपुवी पंचविहा पण्णत्ता, तं जहा अत्थपयपरूवणया१, भंगसमुक्त्तिणयार,भंगोवदंसणया३, समो. यारे४, अणुगमे५। से किं तं संगहरस अत्थपथपरूवणया?, संगहस्स अत्थपयपरूवणया-तिपएसोगाढे आणुपुत्वी, चउप्पएसोगाढे आणुपुठवी, जाव दसपएसोगाढे आणुपुत्री, संखिज्जपएसोगाढे आणुपुटवी, असंखिज्जपएसोगाढे आणुपुव्वी, एगपएसोगाढे अणाणुपुठवी, दुप्पएसोगाढे अवत्तठाए। से तं संगहस्स अत्थपयपरूवणया। एयाए णं संगहस्स अत्थपयपरुवणयाए किं पओयणं ?, संगहस्स अत्थपयपरूवणयाए संगहस्स भंगसमुक्त्तिणया कज्जइ। से किं तं संगहस्त भंगसमुक्त्तिणया ?, संगहस्त भंगसमुक्त्तिणया अस्थि आणुपुवी, अस्थि अणाणुपुब्बी अस्थि अवत्तव्यए। अहवा अत्थि आणुपुवी अणाणुपुवी य, एवं जहा दव्वाणुपुबीए संगहस्स तहा भाणियव्वं जाव से तं संगहस्स भंगसमुक्त्तिणया। एयाए णं संगहस्स भंगसमुक्त्तिणयाए किं पओयणं? एयाए णं संगहस्स भंगसमुक्त्तिणयाए संगहस्त भंगोवदंसणया कज्जइ। से किं तं संगहस्स भंगोवदंसणया?, संगहस्तभंगोवदंसणया-तिप्पएसोगाढे आणुपुब्बी, एगपएसोगाढे अणाणुपुव्वी, दुप्पएसोगाढे अवत्तवए । अहवा तिप्पएसोगाढे य एगपएसोगाढे य आण
SR No.040003
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1967
Total Pages861
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size249 MB
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