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________________ ૨૨૫ अनुयोमबारको तत्राबभेदं निरूपयति मूलम्-से कि तं कसिणखंधे ? कसिणखधे से चेव हयख', गयखधे । से त कसिणखधे सू० ५२ छाया--अथ कोऽसौ कृत्स्नस्कन्ध : ? कृत्स्नस्वन्धः स एव हयस्कन्धो गजस्कन्धेो यावद् वृषभरकाधः। स एप कृत्स्नस्कन्धः ॥५२॥ टीका--शिष्यःपृच्छति-से किं तं' इत्यादि । अथ कोऽसौ कृत नस्कन्धः ? उत्तरमाह-कृत्स्नस्वन्धः-जीवापेक्षया प्रदेशानां परिपूर्णत्वात् कृत्स्नः परिपूर्णः, स चासौ स्कन्धः, अयं तु स एव-पूर्वोक्त एव हयस्कन्धो-गजसन्धो यावद् वृपभस्कन्धो विज्ञेयः। ननु-हयस्कन्धादीनामे त्रापि उदाहरणत्वेन निर्दिष्टत्वात् सचित्तस्क-धस्येव संज्ञान्तरेण प्रकारान्तम्त्वमुक्तम्, नत्वत्र ज्ञायकशरीग्भः शरीव्यतिरिक्त “से कि तं कसिणखधे इत्यादि सत्र ५२॥ शब्दार्थ-(से कि तं कसिणख घे) हे भदन्त कृत्स्नद्रव्यस्कंध का क्या स्वरूप है ? (कसिणखधे से चेव हयख'घे गयखधे जाव उसभग्व धे) उत्त-हास्कंध गजस्कंध से लेकर वृषभस्कंध तक जो सचित्तस्कंध ४८ वे सूत्र में प्राट किया गया है-वही कृतनस्कन्ध है। परिपूर्णस्कंध का नाम कृतनाकंध है । इस कंध में जीब की अपेक्षा प्रदेशों की परिपूर्णता रहती है। शंका--मुत्रकारने इस कृत्स्नस्कंध में भी हयादिकों को ही उदाहरणरूप से निर्दिष्ट किया हैं। और सचित्त द्रव्यस्कंध में भी उन्हें ही उदाहरणरूप से कहा है तो इनके इस वथन से यही ज्ञात होता है कि सचित्त द्रव्यस्कंध ही "से कि तं कमिणखधे" त्या शहाथ-(से किं कसिणख धे?) शिष्य गुरुने यो प्रश्न पूछ छ ભગવન્! કૃત્ન દ્રવ્યરકલ્પનું સ્વરૂપ કેવું છે? __त्त२-(कसिणख घे से चेव हयखधे गयवंधे जाव उसभखंधे) यन्य ગજસ્કન્ય આદિ વૃષભસ્કન્ધ પર્યનના જે સચિત્ર ૪૮માં સત્રમાં પ્રકટ કરવામાં આવ્યા છે, એ સચિત કો જ કૃત્ન દ્રવ્યસ્કન્ધ રૂપ છે પરિપૂર્ણ સ્કનનું નામ કૃત્ન સ્કન્ય છે. આ સ્કધમાં જીવની અપેક્ષાએ પ્રદેશની પરિપૂર્ણતા રહે છે. શંકા–સૂત્રકારે આ કૃત્કામાં પણ અવ વિગેરેના ઉદાહરણરૂપથી બતાવેલ છે, અને અચિત્ત દ્રવ્યસ્કમાં પણ તેમને જ ઉદાહરણરૂપે પ્રકટ કર્યા છે. તેમના આ કથનથી એજ વાત જાણવા મળે છે કે સચિત્ત દ્રવ્યસ્કને જ અહીં
SR No.040003
Book TitleAnuyogdwar Sutra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj
PublisherA B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
Publication Year1967
Total Pages861
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Book_Gujarati, & agam_anuyogdwar
File Size249 MB
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