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________________ चरित्रम् EDEODADDDDDDED IMMEDIODE / अर्थ-एक हजार राजाओ सेवकभूत थया, पांचशे मंत्रीओ थया.-आ वधा राजहंसना समूहनी जेम तेना चरणकमळने.सेवता हता. प्रत्येक विशतिर्लक्षाहस्तिनो वाजिनो रथाः॥ चत्वारिंशत्पदातीनां / ग्रामाणानपि कोटयः॥ 29 // अर्थ-ते दरेक राजा पासे हाथी, घोडा अने रथ चीश वीश लाख थया, पदाति अने ग्रामो चालीश क्रोड थया. // 29 // त्रिंशच्च सहस्राणि / पुराणां तस्य भूपतेः // इत्याद्यनेकधा भृति-रसंख्याभृन्महीतले // 30 // ____ अर्थ-वत्रीश हजार नगरो थयाः आ प्रमाणे ते राजानी अनेक प्रकारनी संपदा आ भूमितल उपर यइ. // 30 // अथान्यदा निशाशेष / स्फुरदूपं सुरेश्वरं // प्रियंगुमंजरी राज्ञी। खनमध्ये निरैक्षत // 31 // ___ अर्थ-अन्यदा पाछली रात्रे प्रियंगुमंजरी राणीए स्वममा स्फुरायमान रुपवाळा इंद्रने दीठा. // 31 // भर्तुनिवेदयामास / सा प्रातर्मुदिताशया // तत्वप्नं सोऽप्यभाषिष्ट / नृपः सत्पुत्रसंभवं // 32 // ____ अर्थ-मात:काळे हर्षित आशयवाळी तेणीए ते हकीकत भरिने निवेदन करी, राजाए कह्यु के-'तमने एक सुपुत्रनी | प्राप्ति थशे.' / / 32 / / तदादि गर्भ बभ्रे सा| समं भर्तुर्मनोरथैः // रसमितैर्हितैर्यत्ना-त्तोषपूर्णा पुपोष च // 33 // | अर्थ-ते दिवसथी तेणीए गर्भ धारण कर्यो. ते गर्भ भरिना मनोरथ साथें वृद्धि पामवा लाग्यो. राणी परिमित ने हितकारी की रसोबडे यत्नपूर्वक गर्भनु पोषण करवा लागी.11.३३ / / . MMODEREनन न न न न न tamil ना 109 // ना PP.AC.Gunratnasuri M.S. Jun Gun Aaradhak Trust
SR No.036497
Book TitleSumitra Charitram
Original Sutra AuthorN/A
AuthorHarshkunjar Upadhyay
PublisherShravak Hiralal Hansraj
Publication Year1936
Total Pages126
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size12 MB
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