SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 228
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ स्त्रीचरित्र. 14 जानेवारीको अरल आव ओकलेराड साहवने राजा बहादुरकी पदवी समेत कृष्णनाथको राज सौंप दिया, -राजा कृष्णनाथ रायबहादुरने वडी उदारता दिखाई, जब -किसी कारणसे कृष्णनाथने 31 अक्टूंबर सन् 1844 ईसवी विक्रमीय सम्वत् 1901 में आत्मघात किया, तब सरकारने इस राज्यपर अपना अधिकार करलिये अन्तको कृष्णनाथजीकी धर्मपत्नी महाराणी स्वर्णासयीने अपने पतिकी जाय दाद लेनेके लिये निवेदन किया, तो विचारकर सरकारने महाराणीको उसके पतिका राज्य दे दिया. - महाराणीस्वर्णयमी सन् 1827 विक्रमीय सम्वत् 1884 में बर्दवानके जिलेके भटाकोल गावमें उप्तन्न हुई, और सन् 1838 विक्रमीय सम्वत् 1895 में विवाही गई तथा सन् 1847 विक्रमीय संवत् 1904 में पतिके राज्यकी स्वामिनी हुई, कुछ अप्रबंधोंके कारण राज्यपर बहुत ऋण होगया था, परन्तु रानीने ऋणके चुक जानेका विचार करके अपने नौकरोंमें से चुनकर राव राजि P.P.AC. Gunratnasuri M.S. Jun Gun Aaradhak Trust
SR No.036493
Book TitleStree Charitra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1904
Total Pages236
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size175 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy