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________________ भाषाटीकासहित. आपको लाजिम है कि, आप शाहन्शाहकी इतायत, कुबल करें. .. रानी-हमको जो कर्तव्य है वह हम स्वयं विचार कर लोगी, यवन सेनापति उसके लिये चिन्ता करनेको कुछ आवश्यकता नहीं है, क्षत्रिय नारी कुछ युद्धमें आशक्त नहीं है. दूत-लेकिन हमारे सिपहसालार आपसे जंग नहीं किया चाहते, औरतों के साथ जंग करनेमें क्या नामवरी है ? जिस काममें फतेह या नीहासिल होने परभी वद -नामी है, उसमें कौन अक्लमन्द शख्स हाथ डालेगा. रानी-यदि यवन सेनापति स्त्रीसे युद्ध नहीं किया चाहते तो उन्हें उचित है कि इस देशको _परित्याग कर दें. दूत-हां वे इसपर राजी हैं, मगर पेश्तर आपको -दो शर्त मंजूर करनी होगी. - रानी-क्या शर्ते ? दूत-अव्वल तो आपको जंगका खर्च और इरसाल P.P.AC. Gunratnasuri M.S. Jun Gun Aaradhak Trust
SR No.036493
Book TitleStree Charitra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1904
Total Pages236
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size175 MB
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