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________________ सीचरित्र खिराज देना होगा, शहनशाह वसराकी मातहती मंजूर करनी होगी.. ... रानी–क्षत्रिय नारी दूसरेके अनुग्रहसे राज्य और स्वाधीनताका भोग नहीं चाहतो वह मूल्य देकर वा शत्रुके हाथमें होकर देशका उद्धार नहीं करती है, वह तीक्ष्ण अस्त्रकी सहायातासे जन्मभूमिकी रक्षा करती हैं. दूत-गोकि यह शर्त अपने नामंजूर की ताहम् अगर दूसरे शर्तकी पावन्दी आप अख्त्यार करेंगी तो भी हमारे सिपह सालार साहवकी मिहानी आप पर रह सकती हैं, मुसल्मानोंका हमला इस मुल्कपर फकत दौलत हासिल करनेकी ख्वाहिससे नहीं है, बल्कि दीने सादिककी तरक्की उनकी खास गर्ज है हमारे सिपह सालार साहवको स्वाहिश है कि आप हम लोगोंके पाक मजहवको कुबूल करें काफिरोंपर रहम करना मुसल्मानोंके मजहवमें वईद है. रानी-परन्तु आर्यसन्तान न तो शस्त्रके बलसे P.P.AC. Gunratiasur Jun.Gun Aaradhak Trust
SR No.036493
Book TitleStree Charitra Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1904
Total Pages236
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size175 MB
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