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________________ AN भाषाटीकासहित. हीसे तुमारे घर आरहेंगे. यह कहकर लड़का अपने 'घर गया. और ननिहाल जानेके बहानेसे मोहनीक घर आरहा. मोहनीकी आयु उस समय अठारह वर्षकी थी, और उस लडकेकी आयु बाईस वर्षकी थी. संयोग अच्छा बनपड़ा. अकेले घरमें रातदिन बहार उडने लगी. यहां तक बहार उडी कि जिसका कुछ ठीक ठिकना नहीं. ____ पन्द्रह दिनके उपरान्त मोहनीके शरीरमें रोग उत्पन्न होगया, योनीके द्वारा रुधिर गिरने लगा. दुर्गन्धि आने लगी. मारे पीडाके मोहनी तडफडाने लगी. वह लडका तो मोहनीका यौवन लूटनेवाला था. मोहनीके दुःखसे उसको क्या प्रयोजन, जब मोहनीकी बहुत दु ति देखी तब छोडकर चम्पत होगया. मोहनी उस मकानमें अपना पाप फल भोगकर मरगई. जस करनी तस पार उतरनी' जैसा कुछ कर्म मोहनीने किया वैसा उसको फल मिला. 'स्त्रीबुद्धिः प्रलयङ्करी' स्त्रीकी बुद्धि प्रलय करनेवाली होती है सो ठीकही है जो स्त्रियां मोहनीकी भांति अपने पतिदेवताको धोखा देकर व्यभिचार करती हैं उनकी P.P.Ac. Gunratnasuri M.S. Jun Gun Aaradhak Trust
SR No.036492
Book TitleStree Charitra Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarayandas Mishr
PublisherHariprasad Bhagirath
Publication Year1920
Total Pages205
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size158 MB
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