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________________ 28 नप-संहार. BRECAREERSESAMEERIENCE अहो जव्यात्माओं! नवपद महाराजके अतिशय माहात्म्यको प्रकाशित करनेवाला यह है पवित्र श्री श्रीपाल चरित्र आपने आद्योपान्त शान्तिपूर्वक श्रवण किया होगा; इसमें कष्टावस्थासिद्धचक्रमहाराजकी अपूर्व आराधना-राज्य वैनव-पूर्वभव सम्बंछ और नविष्य श्रेयका चित्राम | खेंचा गया है, श्रीनवपद महाराजकी परम शक्तिसे कैसी लीला-लहर होती है वह फोटोकी त. 6 रह इसमें आबेहूब दिखला दिया गया है; पुण्यशालियों! इस पवित्र चरित्रको सुननेका सार यही है कि उन महापुरुषके चरणे आप भी अपने जीवनको चलावें और उसही तरह ऐहिक और पारजविक अपूर्व सुखोंका आस्वादन करें; बस इसहीसे आपका सदा श्रेय होता रहेगा. * हिन्दी भाषाके श्रीपालचरित्रका चौथा प्रस्ताव सम्पूर्ण हुवा. * GAUNSEOCESCREEN55 5 Jun Gun Aaradhak GSTAC.Gunratnasun M.S.
SR No.036490
Book TitleShripal Charitra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagar
PublisherGaneshmal Dadha
Publication Year1924
Total Pages198
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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