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________________ नापाक प्रस्ताव बोचा. // 73 // SISUSTOSHIGA95H54% * नगर प्रवेश करेंगे, ऐसा सोचकर वहीं पर ठहरे, अपने परिवारको मिलनेके लिये थोड़े 2 लोग है में खिसकने लगे, क्रमशः एकदम अल्प समुदाय हमारे पास रह गया, किसी एक सेनाको यह है। बात मालुम होनेसे रात्रीमें वह हम पर चड़ आई, उस वख्त सेनाको देखकर मेरे पति मुझे || | छोड़कर भग गये, तब उन फोजके लोगोंने लक्ष्मी सहित मुझे पकड़ली और नेपाल देशमें किसी 5/ एक सार्थ पतिको बेंच दी, उसने बब्बर कुलमें वैश्याको बेंचदी, वहांपर गणिकाने मुझे वेश्या-||| कला शिखलाई तब मैं नाच-गानमें होशियार हुई, वहांके राजा महाकालको नाच-गानका 8 | भारी शोख होनेसे मुझे निपुणा समझकर मेरी मांगणी की और एंसी नृत्तिओंके ऊपर अफसर 8 बनाई, तब नाना प्रकारके नाच करके दररोज मैं राजाको रंजित करती-तब मदनाके पति | श्रीपालजी वहां पर आये, राजाने अपनी कन्या परणाई, अनेक वस्तु देनेके साथ प्रीतिवश | नव नाटक भी इन्हें प्रदान किये, इनके आगे जी बाकायदा अन्य नृत्तिकाओं के साथ मैं नाच | करती रही; मगर आज़ सब कुटुम्बको देखकर मेरा हृदय दुःखसे उभरा गया इस लिये दोह 647-55** HIS // 73 // un Gun Arad JAC.Gunratnasuri M.S.
SR No.036490
Book TitleShripal Charitra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagar
PublisherGaneshmal Dadha
Publication Year1924
Total Pages198
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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