SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 467
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ बयान-शहर-अहमदनगर-और-एवला. ( ३४९ ) सिंह्याद्रिपहाडकी चोटियां शुरुहै, सिंह्याद्रिसे बहुतसीधाराये निकलकर भीमानदीमें गिरती है, जिलेपुनेकी खानोसें मकानबनानेके पथर निकलाकरते है, पुनासे कल्यानीहोकर बंबइ जायाजाताहै रैलकिराया करीब चौदहआने लगेगे, मगर उसमें तीर्थनाशिक बाजुपर रहजायगा, इसलिये पुनासे-डोंड-अहमदनगर-एवला-मनमाडहोते यात्री तीर्थ नाशिककी जियारतकरके बंबइ आवे, पुनासे रैलमें सवारहोकरहडपसर-लोनी-उरली-येवत-खेडगांव-और पटास टेशनपर होते डोंड जंकशन उतरे, रैलकिराया दसआने लगेगा, डोंड-जंकशन रखनकदार और खानपानकी चीजे यहां मिलसकती है यहांसें ग्रेटइंडियन-पेनिनसुला रेलवेकी लाइन तीनतर्फ गइहै, चुनाचे-पूरव दखनकीतर्फ वाडी-रायचूरकों-दुसरी लाइन पश्चिम उत्तरकी रुखपर-पुना-और-कल्याणीको-और-तीसरीलाइन उत्तरतरफ अहमदनगर-और-मनमाडकों गइहै, डोंडसे यात्री रैलमें सवारहोकरपीपरी-वेलवाडी-विसापुर--सरोला-और-अकोलनेर टेशन होते अहमदनगर टेशन उतरे, रैलकिराया आठआने लगेगा. o [ बयान-शहर अहमदनगर-और-एवला, ] जिलेकासदर मुकाम अहमदनगर एक-रैलवेका टेशनहै, सन ( १८९१ ) की-मर्दुमशुमारीके वख्न अहमदनगरकी मर्दुमशुमारी मयछावनीके ( ४१६८९ ) मनुष्योंकीथी, टेशनसे करीव ( १ ) मीलके फासलेपरसे शहरकी आबादी शुरु होती है और सवारीकेलिये टेशनपर इक्का-बी-तैयार मिलती है, यात्री शहरमें जाय और जैनश्वेतांबर धर्मशाला-जोकि-खिस्तीगली में बनीहुइ है उसमें कयामकरे, जैनश्वेतांबर श्रावकोकी आबादी और दो-मंदिर-यहां Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034925
Book TitleKitab Jain Tirth Guide
Original Sutra AuthorN/A
AuthorUnknown
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages552
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size23 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy