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________________ है शब्दकोष सीमित असीम कृति को दर्शाना शक्य नही मानवता के मधुर संगायक भंवरजी स्वागत अद्य यही २७४ जैन संघ प्रेषित शुभेच्छा तुम जीवों वर्ष हजार हार्दिक अनुमोदन अभिनन्दन कर लेना स्वीकार २७५ डोसीजी का स्वागत फले चुनड़ी का आयोजन करने वाले दिल्लीवासी प्रसिद्ध समाज सेवी उदात्तमन है मणिलालजी डोसी २७६ संघपति पद प्राप्त किया जैनेतर जैन पन्द्रह व्यक्ति परिचय पूर्व में दिया गया संघपति जीवन अभिव्यक्ति २७७ उपरोक्त नामी भव्यात्माओं का, भावभरा सन्मान हुआ खरतरगच्छ महासंघने पहले पुष्पहार प्रदान किया २७८ स्वागतकर्ता प्रमुख शहरो की नामावली प्रस्तुत है सराहनीय सत्कार समिति हरि विहार विश्रुत है २७९ अध्यक्ष चंपालालजी मंत्री पारख शान्तिलालजी कोषाध्यक्ष मुकनचंदजी, सेवारत भगवानदासजी २८० मद्रास जयपुर बडौदा बम्बई संघ प्रतिनिधि थे बलिहार अहमदाबाद बाड़मेर रायपुर आदि जगह से हुआ सत्कार २८१ अदम्य उत्साह तरंगो से वातावरण था अतिरम्य पदयात्रा समिति का स्वागत अनुपम और दर्शनीय २८२ अनुयोगाचार्य गुरुवरजीने नवनीत दिया जिनवाणी का सम्यग् श्रद्धा यदि नही उद्धार कहां फिर प्राणी का २८३ ड्राइवर डॉक्टर के उद्धरण दे बोले अटल विश्वास रहे देव गुरु धर्म में आस्था, जीवन्त जयतक श्वास रहे २८४ Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034591
Book TitlePyara Khartar Chamak Gaya
Original Sutra AuthorN/A
AuthorManoharshreeji
PublisherJin Harisagarsuri Gyanbhandar
Publication Year1981
Total Pages44
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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