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________________ CSSC SCA SSSSSSSSSSSSSSS नम्र निवेदन प्यारे सज्जनो ! यह जयन्ती महोत्सव नामक किताब श्रापकी सेवामें इस शर्त पर भेंट भेजी जारही है कि आप माघ शुक्ल पूर्णिमा को एक विराट् सभा कर जनता को आचार्य श्री रत्नप्रभसूरीश्वरजी का पवित्र जीवन और ओसवाल समाज की उत्पत्ति विषक हाल इस किताब को पढ़कर सुनावें । और आचार्य श्री ने जिस उद्देश्य को लक्ष में रखकर उन आचार पतित क्षत्रीयों को शुद्धि द्वारा जैन धर्म में दिक्षीत कर महाजन संघ (जैन क्षत्रीय) की स्थापना की और उन महाजन संघ ने अपनी वीरता एवं उदारता से देश समाज और धर्म की बड़ी बड़ी सेवाएँ कर अपनी धवल कीर्ति को अमर बनाई उनका अनुकरण स्वयं करे और अन्य सज्जनों से करवाकर जयन्ति के उद्देश्य को सफल बनावे किमधिकम् । वि० जयन्ति महोत्सव के समाचार प्रसिद्ध पत्रों में प्रकाशित भी करवा दे कि दूसरों का भी उत्साह बढ़े । 'प्रकाशक' 9999999999999999999999) आदर्श प्रेस केसरगंज अजमेर में छपा—सञ्चालक जीतमल लूणिया Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034570
Book TitleOswal Vansh Sthapak Adyacharya Ratnaprabhsuriji Ka Jayanti Mahotsav
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar Maharaj
PublisherRatnaprabhakar Gyanpushpamala
Publication Year
Total Pages68
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size29 MB
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