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________________ ऐतिहासिक महाकाव्य ६७ से प्रचलित हो गए थे और इस पर कुछ विशिष्ट लोगों का राज्य था । ( ४ ) बौद्ध धर्म के प्रसार के समय साकेत शब्द अयोध्या के लिए प्रचलित हुआ । वह शब्द रामायण के मुख्य भाग में प्राप्त नहीं होता है । इसी प्रकार राम के पुत्र लव की राजधानी श्रावस्ती का नाम रामायण के मुख्य भाग में नहीं है । यही बौद्ध धर्म के प्रसार के बाद राजधानी हुई । (५) रामायण के समय में राजाओं का अधिकार बहुत थोड़े प्रदेश पर था, परंतु महाभारत के समय में उनका अधिकार बहुत बड़े प्रदेश पर था । अतएव रामायण का मौलिक अंश उस समय बना था, जब कि महाभारत प्रभो निर्माण की अवस्था में था । ' इस प्रकार की युक्तियाँ सर्वथा अविश्वसनीय हैं । महाभारत ३१०० ई० पू० में बना है । इसमें रामायण का उल्लेख है और इसके रचयिता वाल्मीकि को बहुत प्राचीन कवि बताया गया है । रामायण के विषय में जो उल्लेख हैं, उनमें कतिपय ऋषियों का नाम भी लिखा है और उनमें से कुछ को रामायण की कथा कहने वाला भी कहा गया है । इन कथावाचकों को कथा जिस रूप में ज्ञात होगी, उसी रूप में उन्होंने यह कथा अपने शिष्यादि को बताई होगी । इससे ज्ञात होता है कि रामायण ३१०० ई० पू० से पूर्व महाकाव्य के रूप में प्रचलित था । तथापि रामायण का निश्चित रचनाकाल ठीक-ठीक नहीं कहा जा सकता है । महाकाव्य के रूप में रामायण तथा इसकी लोकप्रियता रामायण हिन्दुओं का लोकप्रिय ग्रन्थ है । छोटे, बड़े, राजा, रंक, धनी, कुलीन, व्यापारी, शिल्पी, रानियाँ और प्रशिक्षित स्त्रियाँ, सभी रामायण की कथा प्रोर उसके पात्रों से परिचित हैं ।" यह लोकप्रिय साहित्यिक ग्रन्थ है । १. A. A. Macdonell: History of Sanskrit Literature. पृष्ठ ३०२ । २. M, Winternitz. A History of Indian Literature. भाग १ पृष्ठ ४७६-४७७ ।
SR No.032058
Book TitleSanskrit Sahitya Ka Itihas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorV Vardacharya
PublisherRamnarayanlal Beniprasad
Publication Year1962
Total Pages488
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size27 MB
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