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गा० ६२]
अनुभाग-उदीरणा-स्वामित्व-निरूपण माणसंजलणस्स जहण्णाणुभागउदीरणा कस्स १ २८०. खवगस्स चरिमसमयमाणवेदगस्स । २८१. मायासंजलणस्स जहण्णाणुभागउदीरणा कस्स २८२. खवगस्स चरिमसमयमायावेदगस्स । २८३. लोहसंजलणस्स जहण्णाणुभागउदीरणा कस्स ? २८४. खवयस्स समयाहियावलिय चरिमसमयसकसायस्स' । २८५, इत्थिवेदस्स जहण्णाणुभागउदीरणा कस्स ? २८६. इत्थिवेदखवगस्स समयाहियावलियचरिमसमयसवेदस्स । २८७. पुरिसवेदस्स जहण्णाणुभागउदीरणा कस्स ? २८८. पुरिसवेदखवगस्स समयाहियावलियचरिमसमयसवेदस्स । २८९. णqसयवेदस्स जहण्णाणुभागुदीरणा कस्स ? २९०. णवंसयवेदखवयस्स समयाहियावलिय-चरिमसमयसवेदस्स । २९१. छण्णोकसायाणं जहण्णाणुभागुदीरणा कस्स ? २९२. खवगस्स चरिमसमय-अपुचकरणे चट्टमाणस्स।
शंका-संचलनमानकी जघन्य अनुभाग-उदीरणा किसके होती है ? ॥२७९।।
समाधान-चरमसमयवर्ती मानका वेदन करनेवाले अनिवृत्ति संयत क्षपकके होती है ॥२८०॥
शंका-संज्वलन मायाकी जघन्य अनुभाग-उदीरणा किसके होती है ? ॥२८१॥ समाधान-चरमसमयवर्ती माया-वेदक अनिवृत्तिसंयत क्षपकके होती है ।।२८२।। शंका-संज्वलन लोभकी जघन्य अनुभाग-उदीरणा किसके होती है ? ॥२८३।।
समाधान-समयाधिक आवलीके चरम समयमे वर्तमान सकषाय (सूक्ष्मसाम्पराय गुणस्थानवर्ती) क्षपकके होती है ॥२८४॥
शंका-स्त्रीवेदकी जघन्य अनुभाग-उदीरणा किसके होती है ? ॥२८५॥
समाधान-समयाधिक आवलीके चरमसमयवर्ती सवेदी स्त्रीवेद-क्षपकके होती है ॥२८६॥
शंका-पुरुषवेदकी जघन्य अनुभाग-उदीरणा किसके होती है ? ॥२८७॥
समाधान-समयाधिक आवलीके चरमसमयवर्ती सवेदी पुरुषवेद-क्षपकके होती है ॥२८८॥
शंका-नपुंसकवेदकी जघन्य अनुभाग-उदीरणा किसके होती है ? ॥२८९॥
समाधान-समयाधिक आवलीके चरमसमयवर्ती सवेदी नपुंसकवेद-क्षपकके होती है ॥२९॥
शंका-हास्यादि छह नोकषायोकी जघन्य अनुभाग-उदीरणा किसके होती है ॥२९१॥
समाधान-अपूर्वकरण गुणस्थानके अन्तिम समयमे वर्तमान क्षपकके होती है ॥२९२॥
१ कुदो, समयाहियावलियचरिमसमयवट्टमाण सुहुमसापराइयखवगस्स सुहुमकिट्टिसरूवाणुभागोदीरणाए सुठु जहण्णभावोववत्तीदो । जयध०
२ कुदो, तत्थेदेसिमपुत्वकरणचरिमविसोहीए हेटिठमासेसविसोहीहितो अणतगुणाए उदीरिजमाणाणुभागस सुछ जहण्णाणुभावोववत्तीदो । जयध°