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कसाय पाहुड सुत्त
[४ अनुभागविभक्ति
कितने है ? अनन्त हैं। अधन्य अनुभागविभक्तिवाले कितने है ? संख्यात हैं। अजघन्य अनुभागविभक्तिवाले कितने है ? अनन्त हैं ।
'(१८) क्षेत्रानुगम-इस अनुयोगद्वारमे अनुभागविभक्तिवाले जीवोके वर्तमानकालिक क्षेत्रका विचार किया गया है । जैसे-मोहनीयकर्मके उत्कृष्ट अनुभागविभक्तिवाले जीव कितने क्षेत्रमे रहते है ? लोकके असंख्यातवे भागमे रहते है। अनुत्कृष्ट अनुभागविभक्तिवाले जीव कितने क्षेत्रमे रहते है ? सर्वलोकमे रहते है । इसी प्रकार जघन्य अनुभागविभक्तिवाले जीव लोकके असंख्यातवे भागमें और अजघन्यानुभागविभक्तिवाले जीव सर्वलोकमे रहते हैं।
(१९) स्पर्शनानुगम-इस अनुयोगद्वारमे अनुभागविभक्तिवाले जीवोके त्रैकालिक क्षेत्रका विचार किया गया है। जैसे-मोहनीयकर्मकी उत्कृष्ट अनुभागविभक्तिवाले जीवोने कितना क्षेत्र स्पृष्ट किया है ? लोकका असंख्यातवाँ भाग, देशोन आठ बटे चौदह (४) भाग, अथवा सर्वलोक स्पृष्ट किया है । जघन्य अनुभागविभक्तिवाले जीवोने लोकका असंख्यातवॉ भाग स्पृष्ट किया है और अजघन्यानुभागविभक्तिवालोने सर्वलोक स्पृष्ट किया है।
(२०) कालानुगम-इस अनुयोगद्वारमे नाना जीवाकी अपेक्षा कर्मों के उत्कृष्ट अनुत्कृष्ट और जघन्य-अजघन्य अनुभागविभक्तिवाले जीवोके कालका अनुगम किया गया है। जैसे-मोहनीयकर्मकी उत्कृष्ट अनुभागविभक्तिवाले जीवोका जघन्यकाल अन्तर्मुहूर्त है और उत्कृष्टकाल पल्योपसके असंख्यातमे भागप्रमाण है। अनुत्कृष्ट-अनुभागविभक्तिवाले जीव सर्व अणुक्कस्साणुभागविहत्तिया केवडिया ? अणता | xxx जहष्णए पवट । दुविहो णिद्देसो-ओघेण आदेखेंण य । तत्थ ओघेण मोहणीयस्स जहष्णाणुभागविहत्तिया वेत्तिया १ सखेना । अजहष्णाणुभागविहत्तिया दवपमाणाणुगमेण केवडिया ? अणता । जयध०
१ (१८ ) खेत्तपरूवणा-खेत्ताणुगमो दुविहो-जहणओ उक्करसओ चेदि । उक्कस्सए पयद । दुविहो णि सो-ओघेण आदेसेण य । ओघेण मोहणीयस्स उक्करसाणुभागविहत्तिया केवहि खेत्ते १ लोगस्स असखेजदिभागे | अणुक्कस्साणुभागविहत्तिया केवडि खेत्ते ? सव्वलोगे | xxx जहण्णए पयद । दुविहो णि सो-ओघेण आदेसेण य | ओघेण मोहणीयस्स जहष्णाणुभागविहत्तिया केवडि खेत्ते । लोगस्स असखेजदिभागे । अजहण्णाणुभागविहत्तिया केवडि खेत्ते १ सव्वलोगे । जयध०
२ (१९) पोसणपरूवणा-पोसणाणुगमो दुविहो-जहण्णओ उक्स्स ओ चेटि । उक्कस्से पयद । दुविहो णि सो-ओघेण आदेसेण य । ओघेण मोहणीवस्स उक्कस्साणुभागवित्तिएहि केवडियं खेत्त पोसिट ? लोगस्स असखेजदिभागो, अचोदसभागा वा देसूणा, सबलोगो वा । अणुक्करसाणुभागविहत्तिएहि कैवडिय खेत्त पोसिदं ? सवलोगो |xxx जहष्णए पयट । दुविहो णि सो-ओषेण आदेशेण य । ओयेण मोहणीस्स जहण्णाणुभागविहत्तिए हि केवडिय खेत्त पोसिद १ लोगस्स असखेज दिभागो। अजहष्णाणुभागविहत्तिएहिं केवडिय खेत्तं पोसिट ? सवलोगो | जयव०
३ (२०) कालपरूवणा-कालाणुगमो दुविहो-जहष्णयो उक्क्स्स ओ चेदि | उक्कस्सए पयद । दुविहो णिसो-ओघेण आटेसेण य । तत्थ ओघेण मोहणीयस्स उक्कस्साणुभागवित्तिया केवचिर कालादो होति ? जहण्णेण अतोमुहुत्तं । उक्कस्सेण पलिदोवमस्स असखेजदिभागो। अणुक्कस्सागुभागवित्तिया वचिर कालादो होति ? सव्वद्धा Ixxx जहष्णए पयद | दुविहो णि सो-ओघेण आदेसेण च । ओवेण मोहणीयम्स जहण्णाणुभागविहत्तिया केवचिरं कालादो होति ? जहणेण एगममओ। उक्कस्सेण सखेजा